प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra ACB Hindi News: नासिक महाराष्ट्र में रिश्वतखोरी के आधिकारिक आंकड़ों में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में राज्य भर में कुल 669 जाल (ट्रैप) बिछाकर 988 रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति के 9 मामले भी दर्ज किए गए हैं। विशेष रूप से पूरे राज्य में नासिक विभाग भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में शीर्ष पर रहा है, जहां सर्वाधिक 138 मामले दर्ज किए गए और 210 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच ट्रैप की संख्या 700 से अधिक थी, जो 2024 में घटकर 683 और 2025 में 669 रह गई है। इस गिरावट ने विशेषज्ञों के – बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एसीबी के पास आने वाली शिकायतों में कमी आई है या रिश्वतखोर अब अधिक सतर्क हो गए हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामलों की बात करें तो नांदेड में सर्वाधिक 4, जबकि मुंबई और पुणे में 2-2 मामले दर्ज हुए हैं।
एसीबी की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि सरकारी कार्यों में रिश्वतखोरी के लिए निजी व्यक्तियों (बिचौलियों) का सहारा लिया जा रहा है। पकड़े गए 988 संदिग्धों ने लगभग 3.5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।
यह भी पढ़ें:-चुनावी माहौल गर्म, नाशिक पुलिस अलर्ट मोड पर, 519 अपराधी तड़ीपार; निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्ती
इसमें श्रेणी-1 के 68 अधिकारियों ने 1.31 करोड़ रुपये और श्रेणी-2 के 124 अधिकारियों ने करीब 81.9 लाख रुपये की रिश्वत ली। निजी व्यक्तियों के माध्यम से 18.59 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो वर्ष 2014 और 2015 में राज्य में 1200 से अधिक ट्रैप लगाए गए थे, जो पिछले एक दशक का उच्चतम स्तर था। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण यह संख्या गिरकर 630 रह गई थी। वर्तमान में यह आंकड़ा 2014 के मुकाबले लगभग आधा रह गया है।
| परिक्षेत्र | बिछाए गए जाल (ट्रैप) | गिरफ्तार संदिग्ध |
|---|---|---|
| नासिक | 138 | 210 |
| पुणे | 121 | 176 |
| छत्रपति संभाजीनगर | 109 | 160 |
| ठाणे | 82 | 124 |
| अमरावती | 71 | 100 |
| नांदेड | 55 | 78 |
| नागपुर | 54 | 78 |
| मुंबई | 39 | 62 |
| कुल | 669 | 988 |