भ्रष्टाचार पर ACB का एक्शन, पालघर में पुलिसकर्मी पर केस दर्ज, सिंधुदुर्ग में अधिकारी गिरफ्तार

Maharashtra News: पालघर और सिंधुदुर्ग में रिश्वतखोरी के मामलों में एसीबी ने कार्रवाई की। पालघर में पुलिस अधिकारी पर केस दर्ज हुआ, जबकि सिंधुदुर्ग में उद्योग निरीक्षक गिरफ्तार किया गया।
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कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: AI)
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Maharashtra Bribery Case: महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दो अलग-अलग मामलों में कदम उठाया है। पालघर जिले में एक पुलिस अधिकारी पर रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया, जबकि सिंधुदुर्ग में एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

पालघर जिले में एक नागरिक से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस के एक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। एसीबी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पहचान सहायक पुलिस निरीक्षक साहेबराव शिवाजी कचरे के रूप में हुई है, जो घोलवड़ पुलिस थाने में तैनात थे।

गिरफ्तारी से बचाने के बदले मांगी रिश्वत

एसीबी के मुताबिक, 9 दिसंबर को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी अधिकारी ने उसके रिश्तेदार को एक मामले में गिरफ्तार न करने के बदले रिश्वत की मांग की। जांच के दौरान यह सामने आया कि सहायक पुलिस निरीक्षक ने न सिर्फ गिरफ्तारी से बचाने, बल्कि मुकदमे से नाम हटाने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

जरूरत पड़ने पर होगी गिरफ्तारी

एसीबी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

सिंधुदुर्ग में उद्योग निरीक्षक रंगे हाथों गिरफ्तार

एक अन्य मामले में, एसीबी की सिंधुदुर्ग इकाई ने ओरोस स्थित जिला उद्योग केंद्र में तैनात उद्योग निरीक्षक पंकज विट्ठल शेलके को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, शेलके ने ट्रक खरीदने के लिए मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बदले इस रकम की मांग की थी।

सब्सिडी मंजूरी के बदले घूस

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते समय पकड़ लिया। इस मामले में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन दोनों मामलों के जरिए एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई जारी रहेगी।

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