

Nashik Kumbh Fraud Fake Work Order: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के करोड़ों रुपये के ठेके दिलाने का झांसा देकर फर्जी कार्यारंभ आदेश तैयार कर 3 करोड़ 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नासिक पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले के तार जलगांव जिले के जामनेर से जुड़ने के बाद पुलिस टीम ने वहां तलाशी अभियान चलाकर संदिग्धों से पूछताछ की।
तनय महाजन मंत्री गिरीश महाजन का दूर का रिश्तेदार होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई है। हालांकि, गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी के साथ भी रियायत नहीं बरती जाएगी। पुलिस की आगे की जांच में और संदिग्धों के नाम सामने आने की संभावना है।
कुंभ मेले के मद्देनजर नासिक में बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर ठेकेदारों को प्लंबिंग, भोजन-पानी, हाउसकीपिंग और सोलर कार्यों के ठेके दिलाने का लालच दिया गया।
कुंभ मेला प्राधिकरण के नाम पर 591 करोड़ रुपये के पांच कार्यों के फर्जी कार्यारंभ आदेश तैयार किए जाने का आरोप है। इन फर्जी दस्तावेजों पर विभागीय आयुक्त डॉ। प्रवीण गेडाम के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
पुलिस अब फर्जी आदेश तैयार करने वालों के साथ ही उनसे जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। जामनेर में संदिग्धों के बैंक खातों, यूपीआई लेन-देन, संपर्क और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।
धोखाधड़ी को कुछ रकम धुलिया के एक शिक्षक के माध्यम से उसके मित्रों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का पुलिस को संदेह है। इस मामले में शोएब शेख, तनय महाजन और नरेंद्र महाजन पुलिस हिरासत में हैं।