Nashik Soil Moisture Sensor Agriculture ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Soil Moisture Sensor Agriculture: नासिक खेती-किसानी के बदलते दौर में अब तकनीक केवल ट्रैक्टरों तक सीमित नहीं रही। नासिक में आयोजित ‘कृषीकुंभ 2026’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ऐसे उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो यह साबित कर रहे हैं कि भविष्य की खेती पूरी तरह डेटा और सेंसर पर आधारित होगी।
प्रदर्शनी में आए कुछ विशेष उपकरणों ने किस्रानों के बीच भारी उत्सुकता पैदा की है। सटाणा तालुका के तुकाराम और नितीन सोनवणे द्वारा पेश किया गया यह इलेक्ट्रिक बैल जुताई, बुवाई और निराई जैसे कठिन कार्यों को आसानी से कर सकता है।
जहाँ बैलों की जोड़ी की कीमत 2-2.5 लाख तक होती है, वहीं 4 लाख का यह उपकरण लंबे समय के लिए किफायती और प्रभावी विकल्प है। सौर ऊर्जा से चलने वाला यह सेंसर मिट्टी में नमी और उर्वरकों की मात्रा का सटीक आकलन करता है।
यह एआई आधारित सिस्टम सीधे किसान के स्मार्टफोन पर सूचना भेजता है कि फसल को कब पानी की जरूरत है, जिससे संसाधनों की बर्बादी रुकती है। बेलवर्गीय फसलों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई यह एआई यूनिट सिंचाई के साथ-साथ खाद प्रबंधन को भी पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाती है।
महाराष्ट्र सरकार का कृषि विभाग भी इस डिजिटल क्रांति में पीछे नहीं है। प्रदर्शनी में महाविस्तार मोबाइल ऐप की जानकारी दी जा रही है, जो एआई के जरिए फसलों में लगने वाले रोगों की पहचान कर उनके उपाय सुझाता है।
यह भी पढ़ें:-नासिक में मौसम का पलटवार: बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ी, अंगूर-प्याज की फसल पर खतरा
किसानों को मौसम के मिजाज और मंडियों में चल रहे रीयल-टाइम बाजार भाव की जानकारी भी इसी ऐप के माध्यम से घर बैठे मिल रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों के आने से उत्पादकता बढ़ेगी और खेती में होने वाले अनावश्यक खर्चों में भारी कटौती होगी।
स्थान बली मंदिर के पार, युथ फेस्टिवल मैदान, नासिक, अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 प्रमुख तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेवट्रिक कीकल (ईवी) विशेष उपकरण इलेवट्रिक बैल, साइत मॉइश्चर सेंसर, महाविस्तार ऐप, फोकस स्मार्ट फार्मिंग और संसाधनों की बचत।