Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नासिक कृषीकुंभ 2026 में दिखी भविष्य की खेती: AI, सेंसर और इलेक्ट्रिक बैल, स्मार्ट खेती की ओर कदम

Nashik AI Farming Technology: नासिक के कृषीकुंभ 2026 में AI आधारित खेती उपकरणों की झलक देखने को मिली। इलेक्ट्रिक बैल व सॉइल सेंसर जैसे उपकरण भविष्य की स्मार्ट और डेटा आधारित खेती का संकेत दे रहे हैं।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Mar 14, 2026 | 12:11 PM

Nashik Soil Moisture Sensor Agriculture ( सोर्स: सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

Nashik Soil Moisture Sensor Agriculture: नासिक खेती-किसानी के बदलते दौर में अब तकनीक केवल ट्रैक्टरों तक सीमित नहीं रही। नासिक में आयोजित ‘कृषीकुंभ 2026’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ऐसे उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो यह साबित कर रहे हैं कि भविष्य की खेती पूरी तरह डेटा और सेंसर पर आधारित होगी।

इलेट्रिक बैल और सॉइल सेंसर

प्रदर्शनी में आए कुछ विशेष उपकरणों ने किस्रानों के बीच भारी उत्सुकता पैदा की है। सटाणा तालुका के तुकाराम और नितीन सोनवणे द्वारा पेश किया गया यह इलेक्ट्रिक बैल जुताई, बुवाई और निराई जैसे कठिन कार्यों को आसानी से कर सकता है।

जहाँ बैलों की जोड़ी की कीमत 2-2.5 लाख तक होती है, वहीं 4 लाख का यह उपकरण लंबे समय के लिए किफायती और प्रभावी विकल्प है। सौर ऊर्जा से चलने वाला यह सेंसर मिट्टी में नमी और उर्वरकों की मात्रा का सटीक आकलन करता है।

सम्बंधित ख़बरें

नवी मुंबई में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाह पर मनपा की सफाई, नागरिकों से भंडारण न करने की अपील

नासिक के सातपुर में कचरे के ढेर, नागरिकों ने उठाए स्वास्थ्य पर सवाल; इलाके में बढ़ा कचरा संकट

महाराष्ट्र परिवहन विभाग शुरू करेगा 24×7 व्हॉट्सऐप चैटबॉट सेवा, आरटीओ जानकारी होगी आसान

यवतमाल कलेक्टर ऑफिस शर्मसार! बार में बैठकर ले रहे थे रिश्वत, ACB ने रंगे हाथ पकड़े राजस्व विभाग के 2 अफसर

यह एआई आधारित सिस्टम सीधे किसान के स्मार्टफोन पर सूचना भेजता है कि फसल को कब पानी की जरूरत है, जिससे संसाधनों की बर्बादी रुकती है। बेलवर्गीय फसलों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई यह एआई यूनिट सिंचाई के साथ-साथ खाद प्रबंधन को भी पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाती है।

सरकार की डिजिटल पहलः ‘महाविस्तार’ ऐप

महाराष्ट्र सरकार का कृषि विभाग भी इस डिजिटल क्रांति में पीछे नहीं है। प्रदर्शनी में महाविस्तार मोबाइल ऐप की जानकारी दी जा रही है, जो एआई के जरिए फसलों में लगने वाले रोगों की पहचान कर उनके उपाय सुझाता है।

यह भी पढ़ें:-नासिक में मौसम का पलटवार: बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ी, अंगूर-प्याज की फसल पर खतरा

किसानों को मौसम के मिजाज और मंडियों में चल रहे रीयल-टाइम बाजार भाव की जानकारी भी इसी ऐप के माध्यम से घर बैठे मिल रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों के आने से उत्पादकता बढ़ेगी और खेती में होने वाले अनावश्यक खर्चों में भारी कटौती होगी।

उपकरणों से बढ़ेगी किसानों की आय

स्थान बली मंदिर के पार, युथ फेस्टिवल मैदान, नासिक, अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 प्रमुख तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेवट्रिक कीकल (ईवी) विशेष उपकरण इलेवट्रिक बैल, साइत मॉइश्चर सेंसर, महाविस्तार ऐप, फोकस स्मार्ट फार्मिंग और संसाधनों की बचत।

Krishikumbh 2026 nashik ai farming electric bull soil sensor innovation

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 14, 2026 | 12:11 PM

Topics:  

  • Agriculture Sector
  • AI
  • Maharashtra
  • Maharashtra News
  • Nashik
  • Nashik District
  • Nashik News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.