जिलाधिकारी आयुष प्रसाद सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik News: नासिक जिले के किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक से रूबरू कराने के लिए आयोजित पांच दिवसीय ‘कृषि कुंभ’ का गुरुवार को उत्साहपूर्ण शुभारंभहुआ। बली मंदिर चौक स्थित यूथ फेस्टिवल मैदान में सजे इस आयोजन ने पहले ही दिन हजारों किसानों और नाशिककरों को आकर्षित किया। एआई और भविष्य की खेती प्रदर्शनी में खेती को स्मार्ट बनाने वाली तकनीकों की भरमार है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गैलरी में 30 से अधिक स्टॉल्स पर यह दिखाया जा रहा है कि कैसे एआई तकनीक से फसल रोगों की पहचान और सटीक छिड़काव किया जा सकता है। ड्रोन तकनीक के लाइव प्रदर्शन और 30 से अधिक आधुनिक मशीनरी स्टॉल्स किसानों को कम मेहनत में अधिक उत्पादन के तरीके सिखा रहे हैं। प्राकृतिक खेती का ’10 ड्रम’ मॉडल, मत्स्य पालन के लिए बायोफ्लॉक और ग्रेप कवर जैसी तकनीकों का सीधा प्रदर्शन किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
कृषि कुंभ केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव भी है।नासिक की प्रसिद्ध मिसल, मांडे, पुरणपोली और थालीपीठ जैसे पारंपरिक
जानकारी। सांस्कृतिक कार्यक्रमः हास्य जत्रा (14 मार्च) और लोक संगीत (15 मार्च)। व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 14 मार्च को ‘महाराष्ट्राची हास्य जत्रा’ और 15 मार्च को लोक संस्कृति पर आधारित ‘फोकलोक’ कार्यक्रम आयोजित होंगे। ‘जुगाड़ से तकनीक’ प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय अविष्कारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और प्रतिदिन 25 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जा रहा है।
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प्रदर्शनी की सबसे खास बात इसकी उद्घाटन पद्धति रही। किसी राजनीतिक वीआईपी के बजाय, नासिक जिले की उन सात महिला किसानों ने रिबन काटा जिन्होंने कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। मेघा बोरसे, विमल आचारी, सुनीता खेमनार, श्रद्धा कासुर्डे, संगीता सांगले, पूनम डोखले और लक्ष्मी मोरे के हाथों प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस दौरान विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद और सह्याद्री फार्म के विलास शिंदे प्रमुखता से उपस्थित थे।