हिंगणवेढे और कोटमगांव में ‘जल महोत्सव’ का आयोजन, रैलियों के जरिए पानी बचाने का संदेश

Jal Mahotsav Nashik: नासिक जिले के हिंगणवेढे और कोटमगांव ग्राम पंचायतों में जल महोत्सव के तहत जल संरक्षण और ग्रामीण जल योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया।
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Hinganwedhe Village (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Hinganwedhe Village News: ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को अधिक स्थिरता और मजबूती प्रदान करने तथा प्लास्टिक के पैमाने को बढ़ाने के उद्देश्य से 8 मार्च से 22 मार्च तक जल महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 20 मार्च को हिंगनवेडे और कोटामगांव ग्राम पंचायत में जल महोत्सव उत्साह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर युवाओं ने "पानी बचाओ", "जल है तो कल है" और "पानी ही जीवन है" जैसे नारे लगाए। इस अभियान में स्थानीय पौराणिक कथाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग (नासिक) के उप अभियंता विनोद डेसले ने इस दौरान जल संरक्षण और जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा की।

निरीक्षण और गुणवत्ता जांच

अभियान के दौरान ज्वालामुखी और बैलगाड़ियों में नियमित और सहायक पानी की सुरक्षा की गई। विनोद डेसले ने संतोष से बात करते हुए बताया कि इस अवधि में पानी के रासायनिक और जैविक दस्तावेजों की नियमित जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जल महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एक महत्वपूर्ण अभियान है।

प्रमुख उपकरण

  • महोत्सव के अंतर्गत कई क्षेत्रीय आयोजन हुए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
  • महिला फील्ड परीक्षण किट (एफटीके) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच
  • जल आपूर्ति व्यवस्था की स्वतंत्रता और नियमित शुद्धिकरण (ओटी टेस्ट)
  • पुनर्स्थापना में जल परिभाषा के प्रति 'स्व-स्वामित्व' की भावना जागृत करना

ग्रामीण जल योजनाओं की सुदृढ़ता और जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान

इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी सोनवणे, ग्राम पंचायत सदस्य, स्वास्थ्य कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। वन्यजीवन और स्थानीय नागरिक भी अपने जल संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं।

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