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सिडको : पटाखे फोड़ते (Bursting Crackers) हुए एक 8 वर्षीय बच्चे का हाथ और बाईं पसली जल गई। यह घटना रविवार दोपहर करीब तीन बजे पांडवनगरी इलाके (Pandavnagari Area) की है। इस संबंध में अधिक जानकारी इस प्रकार है कि पांडवनगरी क्षेत्र में रहने वाला लखोडे परिवार फल बेचने का व्यवसाय करता है।
लखोडे परिवार का 8 साल का बच्चा घर में अकेला था, उसके घर के सभी सदस्य मंडी में माल बेचने के लिए गए हुए थे कि शौर्य लखोडे ने घर में रखे पटाखों में से बड़ा पटाखा निकाल कर उसे फोड़ने लगा। पटाखे में अचानक आग की चिंगारी उठी और शौर्य का एक हाथ उस आग में जल गया। साथ ही बाएं ओर की पसली भी पूरी तरह से जल गई। घायल होने पर उसे पड़ोसियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उसका उपचार शुरू होते ही शौर्य के माता पिता को इसकी सूचना दी गई। शौर्य की स्थिति अब ठीक है ऐसा डॉक्टरों का कहना है।
रसोई और बिजली के उपकरणों से पटाखों को दूर रहें। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तेज आवाज वाले पटाखों को का उपयोग ना करें। किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण चोट लगने पर, बर्फ या ठंडे पानी का प्रयोग करें। पटाखों को फोड़ते समय सैंडल या जूते पहनें। पटाखा फोड़ते समय छोटे बच्चों को दूर रखें। साड़ी के पल्लू और दुपट्टे का ध्यान रखें।
[blockquote content=”माता-पिता अपने बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़े पटाखों के बजाय छोटे और सजावटी पटाखे लाएं। अधिक धुआं साँस की नली को प्रभावित करता है। तेज आवाज भी बहरेपन का कारण बन सकती है। तेज रोशनी से आंखों की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ” pic=”” name=”- डॉ. प्रतिम अहिराव, एमबीबीएस, एमडी”]