

ED Raids CSR Fund Diversion Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 200 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
एजेंसी ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 21 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ईडी की यह कार्रवाई मामले से जुड़े लोगों और सहयोगियों के खिलाफ दर्ज केस की जांच के तहत की गई है। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। एजेंसी का उद्देश्य CSR फंड के कथित डायवर्जन से जुड़े वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की जानकारी जुटाना है।
ईडी की शुरुआती जांच के अनुसार, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU), सरकारी बैंकों और निजी कंपनियों से प्राप्त CSR फंड को कथित तौर पर फर्जी ट्रस्ट, एजेंट, बिचौलियों और शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए डायवर्ट किया गया। जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और लाभार्थियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि देशभर के कम से कम 40 PSU और सरकारी बैंकों ने सिंह द्वारा संचालित चैरिटेबल ट्रस्टों को CSR फंड उपलब्ध कराया था। एजेंसी अब इन फंड के आवंटन, इस्तेमाल और कथित तौर पर हुए डायवर्जन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
निजी कंपनियों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी को कथित तौर पर एक अलग पैटर्न की जानकारी मिली है। आरोप है कि CSR राशि पहले ट्रस्ट में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद एक छोटा कमीशन काटकर बची रकम कथित तौर पर मूल योगदानकर्ता को नकद वापस कर दी जाती थी। ईडी इस पूरे लेन-देन की जांच कर रही है।
यह जांच धर्मेंद्र कुमार चंद्रदेव सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी बताई जा रही है। तलाशी में मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण कर एजेंसी कथित फंड डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अन्य लोगों तथा लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।