

Nashik Forced Conversion Case 2026: महाराष्ट्र के नासिक में 'अशोक खरात' प्रकरण की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंचवटी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, तंजीर इनामदार नामक युवक ने एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाकर न केवल उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसकी धार्मिक पहचान मिटाकर उसे एक विशेष धर्म में परिवर्तित करने का भी दबाव बनाया। इस घटना के बाद नासिक में तनाव का माहौल है और हिंदुत्ववादी संगठनों ने इसे 'लव जिहाद' करार देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी तंजीर ने शुरुआत में उसे विश्वास में लिया और शारीरिक नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की। आरोपी ने युवती के गर्दन पर काटकर उसे 'प्रेम का निशान' (Love Bite) बताया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। जनवरी 2026 में ली गई इन तस्वीरों का इस्तेमाल कर आरोपी ने युवती को ब्लैमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी उसे जबरन एक लॉज में ले गया, जहाँ उसे शराब और सिगरेट पीने के लिए मजबूर किया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
वारदात के दौरान आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता का आरोप है कि तंजीर ने उसके गले से तुलसी की माला खींचकर तोड़ दी और हाथों में बंधे पवित्र धागे और कलावा भी जबरन उतार दिए। आरोपी ने उसे एक विशेष धर्म की रीतियों के अनुसार धर्मांतरण करने को कहा, जिसे उसने 'गजरा हिंद' का नाम दिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
नासिक में एक के बाद एक सामने आ रहे इन मामलों ने सामाजिक संगठनों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। विधायक देवयानी फरांदे के नेतृत्व में हाल ही में एक आईटी कंपनी तक मोर्चा निकाला गया था, वहीं अब बजरंग दल जैसे संगठनों ने पंचवटी में मोर्चा खोल दिया है। बजरंग दल के संभागीय समन्वयक श्रीकांत क्षत्रिय ने इस मामले में 'वित्तीय एंगल' की जांच की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से हिंदू युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है।
पंचवटी पुलिस ने आरोपी तंजीर इनामदार को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उन लॉज और स्थानों की जांच कर रही है जहाँ पीड़िता को ले जाया गया था। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि 'गजरा हिंद' के पीछे की विचारधारा क्या है और क्या आरोपी को किसी विदेशी या स्थानीय स्रोत से फंडिंग मिल रही थी। नासिक पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।