सेवा सप्ताह या दिखावा? आदिवासी बच्चों को पोषण आहार से वंचित रखने पर प्रदर्शन

Igatpuri News: इगतपुरी के मारुतीवाडी में 35 आदिवासी बच्चे पोषण आहार से वंचित हैं। एल्गार संघटना ने पंचायत कार्यालय में अंगणवाड़ी भरवून आंदोलन कर प्रशासन को घेरा।
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सेवा सप्ताह या दिखावा? आदिवासी बच्चों को पोषण आहार से वंचित रखने पर प्रदर्शन
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Nashik News: एक ओर जहां प्रशासन सेवा सप्ताह के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इगतपुरी तालुका के आदिवासी पाडों के बच्चे आज भी पोषण आहार से वंचित हैं। इसी विरोध में एल्गार कष्टकरी संघटना ने बुधवार को इगतपुरी पंचायत समिति कार्यालय में अंगणवाड़ी भरवून आंदोलन किया।

3 किलोमीटर दूर की अंगणवाड़ी, वन्यजीवों का डर

कुरुंगवाडी के समीप स्थित मारुतीवाडी में 30 से अधिक आदिवासी परिवार रहते हैं। यहां न तो मूलभूत सुविधाएं हैं और न ही कोई स्थानीय अंगणवाड़ी केंद्र। मारुतीवाडी के बच्चों का नाम कुरुंगवाडी की अंगणवाड़ी में दर्ज है, जो कि तीन किलोमीटर दूर है। इस मार्ग में बिबटों और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी के चलते 3 से 6 वर्ष के बच्चे वहां नहीं जा पाते, जिसके कारण 35 से अधिक बच्चे पोषण आहार से वंचित हैं।

पूर्व में की गई शिकायतें अनसुनी

एल्गार संघटना ने इस गंभीर विषय पर कई बार बाल विकास प्रकल्प अधिकारी और जिला स्तर पर शिकायत की, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सेवा सप्ताह के नाम पर प्रचार हो रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी बच्चों को मूलभूत अधिकार नहीं मिल रहे हैं।

आंदोलन के दौरान अधिकारी से चर्चा

बुधवार को संघटना के कार्यकर्ता सभी वंचित बच्चों को लेकर बाल विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहीं अंगणवाड़ी भरवून आंदोलन किया। इस दौरान संघटना प्रमुख भगवान मधे ने बाल विकास प्रकल्प अधिकारी भारती गजगे से चर्चा की।

गजगे ने आश्वासन दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और समस्या का समाधान करेंगे। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधितों पर कठोर कार्रवाई की बात भी कही।

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