

नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना सुबह 8 बजे से।
38 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला, 84 टेबल पर होगी गिनती।
400 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे मतगणना की जिम्मेदारी।
पहली पसंद में 50% से अधिक वोट मिलने पर परिणाम जल्दी आने की संभावना।
स्ट्रांग रूम के 14–15 CCTV कैमरे बंद रहने का उम्मीदवार मंगेश वानखेड़े का आरोप।
Nagpur Division Graduate Election Result 38 Candidates 84 Tables: विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे मानकापुर इनडोर स्टेडियम में शुरू होगी। प्रशासन ने 84 टेबल और 400 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की व्यवस्था की है। वहीं, स्ट्रांग रूम के 14 से 15 CCTV कैमरे डेढ़ घंटे बंद रहने के उम्मीदवार मंगेश वानखेड़े के आरोप ने चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
नागपुर, विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे मानकापुर इनडोर स्टेडियम में शुरू होगी। चुनाव परिणाम को लेकर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की निगाहें मतगणना केंद्र पर टिकी हैं। प्रशासन ने गिनती के लिए 84 टेबल लगाने और 400 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की तैयारी की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहेगा।
चुनाव निर्णय अधिकारी एवं विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के अनुसार, इस सीट पर 38 उम्मीदवार मैदान में हैं। संभाग के छह जिलों में 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नागपुर जिले में 60.35 प्रतिशत, भंडारा में 67.07 प्रतिशत, गोंदिया में 71.29 प्रतिशत, वर्धा में 68.35 प्रतिशत, चंद्रपुर में 73.05 प्रतिशत और गढ़चिरोली में 72.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
मतगणना प्रक्रिया को नियमानुसार और पारदर्शी ढंग से पूरा कराने के लिए सोमवार को विभागीय क्रीड़ा संकुल में अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। चुनाव निरीक्षक डॉ. हर्षदीप कांबले और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने कर्मचारियों को मतगणना के नियमों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से हुआ है। इसलिए मतपत्रों की वैधता की जांच, छंटाई और मतों की गिनती निर्धारित नियमों तथा वरीयता क्रम के अनुसार की जाएगी।
यदि पहली पसंद के मतों की गिनती में किसी उम्मीदवार को निर्धारित 50 प्रतिशत से अधिक मत मिल जाते हैं, तो परिणाम उसी चरण में घोषित किया जा सकता है। हालांकि, मतगणना में अधिक समय लगने या आगे के चरणों की जरूरत पड़ने पर अंतिम नतीजा 28 अक्टूबर को भी घोषित हो सकता है।
मतगणना से पहले बहुजन वंचित आघाड़ी के उम्मीदवार मंगेश वानखेड़े ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 25 अक्टूबर को मतपेटियां रखे गए स्ट्रांग रूम के आसपास लगे 14 से 15 CCTV कैमरे करीब डेढ़ घंटे तक बंद रहे।
वानखेड़े ने इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही समय में इतने कैमरे कैसे बंद हुए और उस अवधि में मतपेटियों की सुरक्षा के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। उन्होंने तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण स्पष्ट करने की मांग की है।
यह आरोप उम्मीदवार की ओर से लगाया गया है। कैमरों के बंद रहने की वजह और उस दौरान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
चुनाव निरीक्षक कांबले और विभागीय आयुक्त बिदरी ने मतगणना केंद्र का निरीक्षण कर टेबलों, स्ट्रांग रूम, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था तथा वाहनों की पार्किंग का जायजा लिया। प्रशासन का जोर प्रवेश नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर है, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।