

Nashik Heavy Rain Road Collapsed: मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश और बादल फटने की आशंका जताए जाने के बाद मंगलवार 7 जुलाई को पुराने नासिक सहित पूर्वी क्षेत्र के नागरिकों ने सतर्कता के साथ दिन की शुरुआत की। सोमवार रात से लगातार हो रही वर्षा ने पूरे क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
जगह-जगह जलभराव, कीचड़, सड़क धंसने और पेड़ गिरने की घटनाओं के कारण नागरिकों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने स्कूलों और महाविद्यालयों में अवकाश घोषित किया था। इसके चलते सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
पूर्वी क्षेत्र के कई मार्गों पर खुदाई के कारण बने गड्ढों में बारिश का पानी भर गया। सड़कों पर कीचड़ फैलने से यातायात प्रभावित हुआ और पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुराने नासिक के वडाला नाका क्षेत्र में चल रहे कंक्रीटीकरण कार्य के अधूरा छोड़ दिए जाने से सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर भारी यातायात होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
इसी क्षेत्र की रेणुकानगर सोसायटी की दीवार से सटी एक मकान की दीवार भी बारिश के कारण ढह गई। द्वारका क्षेत्र में मुख्य सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस जाने से एक टेम्पो ट्रैवलर्स वाहन उसमें फंस गया। इससे कुछ समय तक यातायात बाधित रहा। बाद में क्रेन की सहायता से वाहन को बाहर निकालकर यातायात सुचारु किया गया।
वडाला गांव स्थित केबीएच स्कूल परिसर में एक पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हो गई। स्कूल में अवकाश होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
इसके अलावा पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में भी बारिश से नुकसान की कई छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आईं। लेकिन लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नुकसान हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि कहीं से भी जनहानि की सूचना नहीं मिली।
लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर अधूरे विकास कार्यों, जर्जर सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने और क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।