नासिक में 'सिटीलिंक' बस चालकों को मिला सड़क सुरक्षा का पाठ; आधुनिक तकनीक से सीखे यातायात के नियम

Nashik Road Safety: नासिक में 'सिटीलिंक' बस चालकों के लिए विशेष सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जहां सिम्युलेटर और सीट बेल्ट कन्विसर जैसी आधुनिक तकनीकों से चालकों को जागरूक किया गया।
A special road safety training program was organized for Nashik's 'Citilink' bus drivers using advanced simulators to promote seat belt usage and traffic rules.
बस चालक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nashik Citilink Bus Road Safety Training: नासिक शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की रीढ़ मानी जाने वाली 'सिटीलिंक' बस के चालकों के लिए एक विशेष सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह सत्र यूनाइटेड वे मुंबई, बॉश इंडिया, नासिक शहर यातायात पुलिस शाखा और नासिक महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (सिटी लिंक) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

इस अभियान के तहत सिटीलिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजयकुमार मुंडे के मार्गदर्शन में, और महाप्रबंधक (यातायात) राहुल तोरो व उपमहाप्रबंधक (यातायात) संजय सुर्वे की पहल पर सभी चालकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है। चालकों को केवल मौखिक जानकारी देने के बजाय, उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया।

सीट बेल्ट नहीं पहनने के दुष्परिणाम

सीट बेल्ट कन्विसर के माध्यम से चालकों को सीधे लाइव दिखाया गया कि यदि सीट बेल्ट का उपयोग नहीं किया जाता है, तो दुर्घटना के समय इसके कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दोपहिया सिम्युलेटर की मदद से चालकों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर किस तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। पहले सत्र में तपोवन डिपो के 27 और नासिक रोड डिपो के 21 यानी कुल 48 चालकों ने इस सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण में भाग लिया।

बताया गया जेब्रा लाइन का महत्व

इस कार्यक्रम में यूनाइटेड वे मुंबई के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सदाशिव गणगे, सड़क सुरक्षा प्रशिक्षक विक्की उबाले, वैशाली नेवे, राकेश ढाकने के साथ-साथ सिटी लिंक के अधिकारी सुरेश कातकाड़े, भगवान मुंडे और चंद्रकांत आव्हाड उपस्थित थे। चालकों को ट्रैफिक सिग्नल, स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग के महत्व को बारीकी से समझाया गया।

मोबाइल न चलाने की नसीहत

वाहन की गति को नियंत्रण में रखना, सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचना। यात्रियों के साथ हमेशा विनम्र और शालीन व्यवहार करने के लिए विशेष काउंसलिंग की गई। आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड) को प्राथमिकता से रास्ता देना।

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