ढोंगी बाबा अशोक खरात का ‘शिर्डी प्लान’ बेनकाब, रेप का आठवां मामला दर्ज

Ashok Kharat Case: ढोंगी बाबा अशोक खरात के खिलाफ रेप का आठवां मामला दर्ज हुआ है, जिसमें जांच के दौरान उसका कथित ‘शिर्डी प्लान’ और एआई वीडियो के जरिए पीड़िता को गुमराह करने की साजिश का खुलासा हुआ है।
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Ashok Kharat case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Crime News: खुद को महादेव का अवतार बताने वाले और ‘दिव्य शक्ति’ के नाम पर लोगों की समस्याएं हल करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। खरात के खिलाफ अब बलात्कार का आठवां मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया उसका कथित ‘शिरडी प्लान’ इस मामले की सबसे अहम कड़ी बनकर अकेला है।

दिसंबर 2025 में एक युवक ने खरात के कार्यालय में हो रहे अत्याचारों के कुछ वीडियो पीड़िता को व्हाट्सएप पर भेजे थे। अपना भेद खुलने के डर से खरात ने पीड़िता का ब्रेनवॉश करने की कोशिश की। उसने मधुमक्खियों को विश्वास दिलाया कि ये वीडियो कृत्रिम अवशोषण (AI) की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो हैं।

एआई वीडियो का झांसा देकर पीड़िता को फंसाने की रची थी साजिश

इसके बाद वीडियो भेजने वाले व्यक्ति को ही कानूनी शिकंजे में फंसाने की साजिश रची गई। खरात ने पीड़िता पर दबाव बनाकर उसके माध्यम से शिरडी पुलिस स्टेशन में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया। जब शिरडी पुलिस ने इस साइबर अपराध की जांच शुरू की, तो उन्हें कई सहकारीयां पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों में भारी अंतर दिखाई देने लगा। वीडियो के दृश्य और खरात की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पुलिस को शक हुआ कि वह खुद को बचाने के लिए मधुमक्खियों का इस्तेमाल ढाल के रूप में कर रहा है।

विशेष जांच दल का गठन

मामले की देनदार को देखते हुए गृह विभाग ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम के गहन तकनीकी विश्लेषण ने खरात की इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए बलात्कार के मामले के अनुसार, खरात ने उसे उसके पिता की जान लेने की धमकी दी थी।

उसने कहा था कि यदि किसी को कुछ बताया या उसके खिलाफ शिकायत की, तो वह अपनी कथित दैवी शक्ति से उसके पिता को मार डालेगा। इसी डर के कारण पीड़िता ने शिरडी में शिकायत दर्ज कराते समय यौन शोषण की बात छिपाए रखी थी।

पीड़िता ने सच रखा सामने

हालांकि, नासिक पुलिस द्वारा खरात की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पूरा सच सामने रख दिया है। इस मामले के सामने आने के बाद सिन्नर तहसील के वावी पुलिस स्टेशन की पुरानी जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, शिरडी का मामला जनवरी में दर्ज हुआ था। उससे पहले खरात ने वावी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपों वाले वीडियो का इस्तेमाल कर उससे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी हिटलर की कोशिश की जा रही है। यदि उस समय पुलिस इस शिकायत की गहराई से जांच करती है, तो संभव है कि खरात का असली चेहरा काफी पहले ही सामने आ जाता।

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