अशोक खरात के खिलाफ ED की कार्रवाई शुरू, फडणवीस के आदेश के बाद दर्ज हुआ था मामला

Ashok Kharat ED Action: अशोक खरात पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज। 132 बैंक खातों और हवाला रैकेट की जांच करेगी ED। फडणवीस के आदेश के बाद कार्रवाई शुरू, पत्नी और बेटा अभी भी फरार।
Ashok Kharat ED Action
Ashok Kharat ED Action (फोटो क्रेडिट-X)
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Ashok Kharat Money Laundering Case: सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण और करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपी अशोक खरात की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कड़े रुख के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने औपचारिक रूप से इस मामले में प्रवेश कर लिया है। सोमवार को ईडी ने खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का मामला दर्ज किया। फडणवीस ने रविवार को नासिक दौरे के दौरान स्पष्ट संकेत दिए थे कि खरात की बेहिसाब संपत्तियों और वित्तीय साम्राज्य की जांच केंद्रीय एजेंसियां करेंगी।

अशोक खरात के खिलाफ पहले से ही विभिन्न पुलिस थानों में 12 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। अब ईडी ने स्थानीय पुलिस से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एजेंसी का मुख्य ध्यान खरात द्वारा धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के जरिए जमा की गई करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति पर है। जांच में यह भी सामने आया है कि खरात मुंबई के एक आलीशान होटल से बड़े पैमाने पर हवाला रैकेट चला रहा था।

132 बैंक खातों का रहस्य

जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह है खरात का विशाल बैंकिंग नेटवर्क। बताया जा रहा है कि अशोक खरात विभिन्न क्रेडिट सोसायटियों और बैंकों के लगभग 132 खातों में नॉमिनी (Nominee) है। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। ईडी अब इन खातों के असली मालिकों और धन के स्रोत का पता लगा रही है। संदेह है कि खरात ने अपनी अवैध कमाई को सफेद करने के लिए कई बेनामी बैंक खातों और फर्जी फर्मों का सहारा लिया था।

फरार पत्नी और गायब बेटे की तलाश तेज

जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, खरात का परिवार भी कानून के रडार पर आ गया है। शिरडी पुलिस स्टेशन में जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद खरात की पत्नी कल्पना खरात फरार हो गई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए नासिक, पुणे और अहिल्यानगर जिलों में तीन विशेष टीमें भेजी हैं। वहीं, खरात का बेटा हवर्धन भी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। पुलिस ने शुरुआती पूछताछ की थी, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की तह तक जाएगी ED

एसआईटी और ईडी के संयुक्त प्रयासों से अब खरात के इस 'काले साम्राज्य' की जड़ें खोदी जा रही हैं। यह केवल यौन शोषण का मामला नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध और वित्तीय घोटाले के रूप में उभर रहा है। अधिकारियों को अंदेशा है कि खरात ने कई प्रभावशाली लोगों के पैसे को भी ठिकाने लगाया है। ईडी की इस सीधी कार्रवाई से नासिक और शिरडी के कई सफेदपोशों की धड़कनें तेज हो गई हैं, जो किसी न किसी रूप में खरात के वित्तीय नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

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