अशोक खरात घोटाले में ‘सफेदपोश’ मददगारों का पर्दाफाश; रडार पर नासिक के नामी डॉक्टर्स और सोनोग्राफी सेंटर्स
Ashok Kharat Case SIT Update: अशोक खरात मामले में मोड़ आ गया है। सरकारी डॉक्टरों और सोनोग्राफी सेंटर्स की भूमिका संदिग्ध। गर्भपात के अवैध नेटवर्क की जांच कर रही है SIT की टीम।
- Written By: अनिल सिंह
Ashok Kharat SIT Investigation Nashik (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat SIT Investigation Nashik: नासिक के बहुचर्चित पाखंडी बाबा अशोक खरात मामले में विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले और घिनौने खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले की जांच का दायरा केवल खरात परिवार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नासिक के कुछ बड़े डॉक्टर्स और सोनोग्राफी सेंटर्स भी एसआईटी के रडार पर आ गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि खरात के ‘पाप के साम्राज्य’ को चलाने में चिकित्सा क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई है।
ताजा खुलासों के अनुसार, आरोपी अशोक खरात खुद को “दैवी शक्ति” और “अवतारी पुरुष” बताकर संकटग्रस्त महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। शोषण के दौरान यदि कोई महिला गर्भवती हो जाती थी, तो अवैध रूप से उसका गर्भपात कराया जाता था। एसआईटी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि नासिक के कुछ निजी डॉक्टरों के साथ-साथ महापालिका (Municipal Corporation) के एक डॉक्टर ने भी इस अपराध में खरात की मदद की थी।
गर्भपात की गोलियों का संदिग्ध नेटवर्क
आरोप है कि संबंधित डॉक्टरों के माध्यम से ही गर्भपात की प्रतिबंधित या प्रिस्क्रिप्शन वाली गोलियां उपलब्ध कराई जाती थीं। एसआईटी अब उन सोनोग्राफी सेंटर्स की भूमिका की भी जांच कर रही है, जहाँ पीड़ित महिलाओं को अवैध रूप से ले जाया जाता था। यह पता लगाया जा रहा है कि बिना किसी आधिकारिक रिकॉर्ड के ये दवाइयां कहाँ से लाई जा रही थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध डॉक्टरों को जल्द ही पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है।
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हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार
अशोक खरात के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 23 दिनों में सैकड़ों फोन कॉल्स प्राप्त हुए हैं, जिनमें औसतन हर दिन 5 से 6 नई शिकायतें केवल खरात के खिलाफ दर्ज हो रही हैं। शिकायतकर्ताओं में सबसे अधिक संख्या उन महिलाओं की है, जो इस ढोंगी बाबा के शोषण का शिकार बनी हैं।
बढ़ती जा रही हैं कानूनी मुश्किलें
जहाँ एक तरफ अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात ने अदालत में खुद को बेगुनाह बताते हुए सारा दोष अपने पति पर मढ़ दिया है, वहीं एसआईटी की यह नई रिपोर्ट खरात के चारों ओर कानूनी शिकंजा और कसने वाली है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो इस आपराधिक गठजोड़ को अंजाम दे रही थीं। आने वाले दिनों में चिकित्सा जगत से जुड़ी कुछ बड़ी गिरफ्तारियां होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
