क्या गंगा मुसलमानों की नहीं है? गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पर गिरफ्तारी को लेकर अबू आजमी ने पूछा सवाल

Abu Azmi on Ganga Iftar Controversy: वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार के बाद 14 युवकों की गिरफ्तारी पर सपा विधायक अबू आजमी ने उठाए सवाल। पूछा- क्या गंगा पर सिर्फ एक समुदाय का हक है?
Abu Azmi on Ganga Iftar Controversy
Abu Azmi on Ganga Iftar Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Varanasi Boat Iftar Party Arrest: वाराणसी की गंगा नदी में चलती नाव पर इफ्तार पार्टी करने और कथित तौर पर मांसाहारी भोजन के अवशेष नदी में फेंकने के मामले में 14 युवकों की गिरफ्तारी ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सीधा सवाल पूछा है कि क्या गंगा पर किसी एक समुदाय का एकाधिकार है? उन्होंने इस कार्रवाई को समाज को बांटने की कोशिश करार दिया है।

वाराणसी पुलिस ने यह कार्रवाई हिंदू संगठनों की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद की थी, जिसमें कुछ युवक गंगा के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार करते नजर आ रहे थे।

अबू आजमी के तीखे सवाल और गंगा की साझा विरासत

अबू आजमी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "क्या गंगा में इफ्तार करना गलत है? क्या गंगा केवल एक ही समुदाय की है? यह किसी की निजी संपत्ति नहीं है।" उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने खुद अतीत में गंगा और यमुना के संगम पर प्रार्थना की है। आजमी का तर्क है कि भारत की नदियां और संस्कृति साझा विरासत का हिस्सा हैं, और इसे मजहबी चश्मे से देखना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब खाने-पीने और प्रार्थना करने की जगहों को भी समुदायों के आधार पर बांटा जाएगा?

क्या था विवाद और क्यों हुई गिरफ्तारी?

यह मामला तब शुरू हुआ जब वाराणसी के गंगा घाटों के पास नाव पर इफ्तार पार्टी का एक वीडियो सामने आया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के मुताबिक:

निषेधाज्ञा का उल्लंघन: वाराणसी में गंगा नदी और उसके घाटों पर मांस-मदिरा का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

गंदगी फैलाना: आरोप है कि युवकों ने इफ्तार के बाद हड्डियों और अन्य जूठन को पवित्र गंगा नदी में विसर्जित किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

धाराएं: पुलिस ने इन युवकों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

समाज को बांटने की कोशिश का आरोप

अबू आजमी ने इस पूरी घटना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मामूली बात पर 14 युवकों को गिरफ्तार किया गया, वह यह दिखाता है कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों से समाज में ध्रुवीकरण बढ़ता है और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुँचता है। दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह कानून-व्यवस्था और गंगा की पवित्रता बनाए रखने का मामला है और इसका किसी विशेष धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

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