अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल: 20 मई को बंद रहेंगे केमिस्ट, 12.50 लाख व्यापारियों पर संकट

Nashik Online Medicine Sale: अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को देशव्यापी केमिस्ट बंद रहेगा। संगठन ने पुराने सरकारी नोटिफिकेशन वापस लेने और रीटेलर्स के अधिकार बढ़ाने की मांग की है।
Chemists nationwide will strike on May 20 against illegal online medicine sales. Retailers demand revoking old notifications to protect 12.5 lakh traders.
अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री (सोर्स- एआई जनरेटेड)
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Nashik Chemist Association Online Pharmacy Protest: अखिल भारतीय औषधि विक्रेता संगठन की ओर से आगामी बुधवार 20 मई को देशव्यापी दवा दुकान (केमिस्ट) बंद का आह्वान किया गया है। द महाराष्ट्र स्टेट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन और द नासिक डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। संगठन ने संकल्प जताया है कि महाराष्ट्र राज्य और नासिक जिले में इस बंद को 100 प्रतिशत सफल बनाया जाएगा।

इस संबंध में नासिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन देवरगावकर और सचिव गणेश निकम सहित अन्य पदाधिकारियों ने एक पत्रकार वार्ता में संगठन की भूमिका स्पष्ट की। अध्यक्ष नितिन देवरगावकर ने कहा कि देश में दवा व्यवसाय ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और रूल 1945 के तहत संचालित होता है, जिसमें ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा साल 2018 में लाए गए GSR 817 (E) नोटिफिकेशन को अभी तक कानून में नहीं बदला गया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा इस ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाए जाने के बावजूद देश में धड़ल्ले से अवैध ऑनलाइन दवा व्यापार जारी है। इसके अलावा, कोरोना काल के दौरान दवाओं की होम डिलीवरी के लिए दी गई GSR 220 (E) की विशेष छूट को पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने रद्द नहीं किया है। इसका अनुचित लाभ उठाकर ऑनलाइन और कॉर्पोरेट कंपनियां भारी छूट दे रही हैं, जिससे छोटे व्यवसाई संकट में आ गए हैं। इससे देश के करीब 12।50 लाख दवा विक्रेताओं का व्यवसाय खतरे में पड़ गया है।

पुराने नोटिफिकेशन्स को तत्काल लिया जाए वापस

सचिव गणेश निकम ने संगठन की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि इंटरनेट और ई-पोर्टल के माध्यम से होने वाली अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और पुराने नोटिफिकेशन्स को तत्काल वापस लिया जाए।

ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013' के तहत रिटेलर्स के नियंत्रित 16 प्रतिशत लाभांश के नियम को वापस लिया जाए। दवा विक्रेताओं को डॉक्टरों द्वारा लिखे गए ब्रांड के स्थान पर सुरक्षित और सस्ता ब्रांड सब्स्टीट्यूट देने का अधिकार मिले, ताकि वे कॉर्पोरेट कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकें, इस आंदोलन के संबंध में नासिक जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन देवरगावकर और सचिव गणेश निकम ने नासिक के सहायक आयुक्त (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की पूर्व सूचना दे दी है।

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