अमृत भारत एक्सप्रेस: नाशिक अब उत्तर बंगाल से जुड़ा, अलीपुरद्वार-पनवेल सेवा शुरू

Amrit Bharat Express: नई 'अलीपुरद्वार-पनवेल अमृत भारत एक्सप्रेस' सेवा शुरू, नाशिक को उत्तर बंगाल से जोड़ेगी। साप्ताहिक ट्रेन पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
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Amrit Bharat Express:नई 'अलीपुरद्वार-पनवेल अमृत भारत एक्सप्रेस' (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Train: उत्तर महाराष्ट्र और नाशिक को पूर्वी भारत (उत्तर बंगाल) से जोड़ने के लिए नई 'अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस' सेवा शुरू की गई है। यह ट्रेन पूर्वी भारत और पश्चिमी तट के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इस मार्ग से कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जुड़े हैं, जिसका सीधा लाभ महाराष्ट्र के नाशिक, जलगांव, ठाणे और रायगढ़ जिलों को मिलेगा।

भारत-भूटान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित अलीपुरद्वार से शुरू होने वाली यह सेवा सामरिक और कनेक्टिविटी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में परिवहन को सुगम बनाएगी और कई राज्यों के बीच पूर्व-पश्चिम राष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। यह अमृत भारत एक्सप्रेस एक साप्ताहिक सेवा के रूप में संचालित होगी।

ट्रेन की समय सारणी:

  • अलीपुरद्वार-पनवेल: अलीपुरद्वार से प्रत्येक गुरुवार सुबह 4:45 बजे प्रस्थान करेगी और शनिवार शाम 5:30 बजे पनवेल पहुंचेगी।
  • पनवेल-अलीपुरद्वार: पनवेल से प्रत्येक सोमवार सुबह 11:50 बजे प्रस्थान करेगी और बुधवार दोपहर 1:50 बजे अलीपुरद्वार पहुंचेगी।
  • महाराष्ट्र में ठहराव: कल्याण, नाशिक रोड, जलगाँव और भुसावल।

प्रमुख पर्यटन स्थल: यह रेल मार्ग दार्जिलिंग (चाय के बागान), विक्रमशिला महाविहार (प्राचीन बौद्ध केंद्र), महाबोधि मंदिर, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम, चित्रकूट धाम और नाशिक स्थित भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा।

आर्थिक और क्षेत्रीय विकास

धार्मिक और विरासत स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय हस्तशिल्प, आतिथ्य सेवाओं और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित पांच राज्यों को आपस में जोड़ेगी।

ट्रेन की विशेषताएं और किराया:

किफायती सफर: इस ट्रेन में कोई 'डायनेमिक प्राइसिंग' नहीं होगी। यात्रा की लागत लगभग 500 रुपये प्रति हजार किलोमीटर है, जो आम यात्रियों के लिए किफायती है। यह पूरी तरह से नॉन-एसी (गैर-वातानुकूलित) ट्रेन है।

इसमें 11 सामान्य कोच, 8 स्लीपर कोच, 1 पैंट्री कार और 2 एसएलआर (द्वितीय श्रेणी और सामान) कोच शामिल हैं। कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेस ट्रेन क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों तथा प्रमुख शहरी केंद्रों के बीच संपर्क व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

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