Nashik में 9 महीने में ही 42 हत्याएं, अपराधों में नाबालिगों की बढ़ती भागीदारी से शहर सहमा

हाल ही में NCRB ने शहरों में होने वाली अपराधिक घटनाओं को लेकर कुछ आंकड़ें जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार Nashik में अपराधों की घटना में बढ़त हुई है, जो पुलिस प्रशासन के लिए एक चिंताजनक विषय है।
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क्राइम न्यूज (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nashik News In Hindi: नाशिक शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं जैसे कि हमले, घातक हमले, गिरोहों का हंगामा, लूटपाट और चेन स्नेचिंग ने कानून और व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

चौंकाने वाली बात यह है कि जहां वर्ष 2023 और 2024 में शहर में क्रमशः 42 और 40 हत्याएं दर्ज की गई थी, वही इस साल नौ महीनो में ही यह सख्या 42 तक पहुंच गई है। इन बढ़ती घटनाओं से यह भी साफ हो गया है कि आरोपियों को राजनीतिक सरक्षण प्राप्त है।

नाबालिगों की भागीदारी और गिरोहों का दुस्साहस शहर में गिरोहों के बीच आपसी रंजिश और वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़पे आम हो गई है। छोटे-मोटे विवाद भी जानलेवा हमलों का कारण बन रहे है।

सबसे अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि इन आपराधिक घटनाओं में नाबालिगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कुछ महीने पहले, सातपुर में एक कोचिंग क्लास में बेंच पर बैठने को लेकर हुए झगड़े में एक छात्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

हाल ही में, एक नाबालिग ने नशे में धुत होकर एक भिखारी को पत्थर से कुचल कर मार डाला। अंबड इलाके में एक पान की दुकान चलाने वाले की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने सिगरेट एक रुपये महंगी बेची थी। पाथर्डी फाटा में एक कैफे में पांच लोगों ने कोयता (धारदार हथियार) से वार कर एक युवक की हत्या कर दी।

सवाल: नादूरनाका में गिरोह की पिटाई से

राजनीतिक संरक्षण और पुलिस पर एक युवक की मौत हो गई, जिसमे भाजपा के पूर्व पार्षद उद्धव निमसे को गिरफ्तार किया गया। पचवटी में गोलीबारी की साजिश में इसी पार्टी के पूर्व पार्षद जगदीश पाटिल का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

पुलिस का पक्ष और NCRB के आंकड़े

पुलिस उपायुक्त किरणकुमार चक्षाण ने बताया कि इस साल जनवरी से सितंबर तक शहर में हुई सभी हत्याओं के मामलों को सुलझा लिया गया है। शहर की बढ़ती आबादी के अनुसार, हर साल अपराधों में पांच से 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है, यह वृद्धि उसी अनुपात में है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर मकोका और तडीपार जैसी कठोर निवारक कार्रवाई की जा रही है। NCRB रिपोर्ट (2023) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में नाशिक शहर में 42 हत्याएं दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त, घातक हमले (61), बलात्कार (19), चेन स्नेधिग (126), डकैती (6) और वाहन चोरी (840) सहित कुल 4298 सम्येष अपराध दर्ज किए गए थे।

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