Nashik Plot Scam: शीतकालीन सत्र में पेश होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट, बावनकुले का विधान परिषद में आश्वासन
Nashik Plot Scam: नासिक के 13 साल पुराने भूखंड घोटाले पर सरकार शीतकालीन सत्र में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करेगी। 197 आरोपी चिन्हित, 104 पर एफआईआर और एसआईटी जांच अंतिम चरण में है।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
भूखंड घोटाले पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (सोर्स:AI)
Nashik Plot Scam Action Taken: नासिक महानगरपालिका क्षेत्र में गरीबों के लिए आरक्षित आवासों से जुड़े 13 साल पुराने कथित भूखंड घोटाले पर महाराष्ट्र सरकार शीतकालीन सत्र में ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ पेश करेगी।
विधान परिषद में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अब तक 197 आरोपी चिन्हित किए गए हैं, जबकि 104 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
SIT जांच अंतिम चरण में
शिवसेना विधायक अनिल परब की ध्यानाकर्षण सूचना पर जवाब देते हुए बावनकुले ने बताया कि एसआईटी ने जांच पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। अंतिम रिपोर्ट 18 अगस्त 2026 तक आने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार उसकी समीक्षा कर दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में कार्रवाई रिपोर्ट सदन में पेश करेगी।
सम्बंधित ख़बरें
मटन के बाद खाया दही… नासिक के बुजुर्ग दंपती पर भारी पड़ा यह अपोजिट डाइट, पत्नी की मौत, पति की हालत नाजुक
Nagpur Plot Fraud Case: जांच में सहयोग करने वाले को पुलिस ने दिखाया ‘फरार’! HC ने फटकार लगाते हुए दी जमानत
Trimbakeshwar Kumbh Update: ऑन-ग्राउंड उतरे अखाड़ा परिषद के बड़े साधु-संत, लिया 2 KM लंबे नए घाट का जायजा!
नासिक में ‘मिशन ग्रीन मॉनसून’ का आगाज: फांसीचा डोंगर पर पौधारोपण के साथ 25 अक्टूबर तक चलेगा हरित अभियान
ये है पूरा भूखंड घोटाला
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2013 में लागू नियमों के अनुसार बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 20 प्रतिशत आवास आरक्षित करना अनिवार्य था। आरोप है कि इस प्रावधान से बचने के लिए कुछ बिल्डरों और संबंधित लोगों ने बड़े भूखंडों को कागजों पर कृत्रिम रूप से छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित दिखाया।
इसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार किए गए, जिससे आरक्षण नियमों का पालन करने से बचा जा सके। एसआईटी जांच में अब तक ऐसे 49 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है, जिनकी विस्तृत जांच जारी है।
यह भी पढ़ेः- महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर लगेगी लगाम, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा, सरकार तैयार कर रही नई कानून-व्यवस्था
अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप
सरकार के अनुसार, नासिक भूखंड घोटाले की जांच के दौरान विभिन्न विभागों के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल करने और नियमों के विपरीत स्वीकृतियां देने में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत रही।
अब तक जांच के आधार पर 50 फर्जी फेरफार (म्यूटेशन एंट्री) रद्द किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी भी जारी है।
