

Nashik Plot Scam Action Taken: नासिक महानगरपालिका क्षेत्र में गरीबों के लिए आरक्षित आवासों से जुड़े 13 साल पुराने कथित भूखंड घोटाले पर महाराष्ट्र सरकार शीतकालीन सत्र में 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' पेश करेगी।
विधान परिषद में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अब तक 197 आरोपी चिन्हित किए गए हैं, जबकि 104 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
शिवसेना विधायक अनिल परब की ध्यानाकर्षण सूचना पर जवाब देते हुए बावनकुले ने बताया कि एसआईटी ने जांच पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। अंतिम रिपोर्ट 18 अगस्त 2026 तक आने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार उसकी समीक्षा कर दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में कार्रवाई रिपोर्ट सदन में पेश करेगी।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2013 में लागू नियमों के अनुसार बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 20 प्रतिशत आवास आरक्षित करना अनिवार्य था। आरोप है कि इस प्रावधान से बचने के लिए कुछ बिल्डरों और संबंधित लोगों ने बड़े भूखंडों को कागजों पर कृत्रिम रूप से छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित दिखाया।
इसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार किए गए, जिससे आरक्षण नियमों का पालन करने से बचा जा सके। एसआईटी जांच में अब तक ऐसे 49 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है, जिनकी विस्तृत जांच जारी है।
सरकार के अनुसार, नासिक भूखंड घोटाले की जांच के दौरान विभिन्न विभागों के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल करने और नियमों के विपरीत स्वीकृतियां देने में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत रही।
अब तक जांच के आधार पर 50 फर्जी फेरफार (म्यूटेशन एंट्री) रद्द किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी भी जारी है।