617 करोड़ टैक्स बकाया: नासिक में टैक्स डिफॉल्टर पर सख्ती, अभय योजना खत्म होते ही संपत्ति जब्ती की तैयारी

Nashik Property Tax Dues: नासिक मनपा की अभय योजना खत्म होने के बाद बकाया कर वसूली के लिए प्रशासन सख्त। 617 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स बकाया होने पर अब डिफॉल्टर संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई होगी।
₹617 Crore in Tax Arrears: Crackdown on Defaulters in Nashik; Preparations Underway to Seize Properties as 'Abhay Scheme' Ends
Nashik Municipal Corporation Tax Recovery ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Municipal Corporation Tax Recovery: नासिक मनपा की अभय योजना समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने बकाया कर वसूलने के लिए सख्त कदम उठाने शुक्रू कर दिए हैं। बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद टैक्स न भरने वाले संपत्ति धारकों के खिलाफ अब सीधे संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

नासिक महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, अब तक पिछले बकाया में से 134 करोड़ 18 लाख 86 हजार रुपये और चालू मांग में से 137 करोड़ 5 लाख 82 हजार रुपये जमा हुए हैं, हालांकि, इस वसूली के बावजूद अभी भी कुल 617 करोड़ 89 लाख 99 हजार रुपये का टैक्स बकाया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर विभाग को पहले 260 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था, जिसे संशोधित बजट में बढ़ाकर 305 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करना कर विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पिछले बकाया का कुल आंकड़ा 579 करोड़ 9 लाख 39 हजार रुपये है, जिसमें आधे से अधिक राशि विलंब शुल्क (शास्ति) की है। शास्ति की राशि को कम कर मूल कर वसूलने के लिए प्रशासन ने सितंबर से नवंबर 2025 तक अभय योजना लागू की थी, जिसे अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।

इसके बाद जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर 23 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक पुनः यह योजना चलाई गई। इस 15 दिवसीय विशेष अवधि में पिछले बकाया के 35.36 करोड़ और चालू मांग के 10.48 करोड़ रुपये वसूल हुए।

जब्ती अभियान की तैयारी

9 मार्च की योजना समाप्त होते ही मनपा आयुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 6 विभागों के शीर्ष 500 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर कार्रवाई के आदेश दिए गए है।

अब तक 1461 बकायादारों को संपत्ति जब्ती का वारंट जारी किया जा चुका है। शेष डिफॉल्टरों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि वारंट के बाद भी कर भुगतान नहीं किया गया, तो संपत्ति को सील कर उसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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