Nashik Rural Justice Access (Source: Social Media)
Nashik Rural Justice Access: नासिक महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (मुंबई) और उच्च्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मार्गदर्शन में नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए ‘मोबाइल विधिक सेवा शिविर’ का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
इसी उपक्रम के तहत गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को पेठ तहसील के करंजाली ग्राम पंचायत में मोबाइल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया, इस अनूठी पहल के माध्यम से आपसी विवादों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटे बिना मौके पर ही सुलझाया गया।
इस मोबाइल लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि लंबित और दाखला पूर्व विवादों का त्वरित निराकरण रही। पेठ तालुका की 10 ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र वाले कुल 111 प्री-लिटिगेशन (दाखल पूर्व) मामलों को आपसी समझौते और मध्यस्थता के जरिए सुलझा लिया गया। इस पहल से दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके घर के पास ही नि शुल्क और सुलभ न्याय प्राप्त हुआ है।
पेंडिंग विवादों को सामंजस्य और आपसी समझ से सुलझाने के इस प्रयास से ग्रामीण जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
मोबाइल लोक अदालत के माध्यम से न केवल समय और धन की बचत हुई, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिला है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले की हर तहसील में इसी प्रकार के फिरते (मोबाइल) विधिक शिविर आयोजित किए जाएं।
अदालत के सफल संचालन के लिए अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों के पैनल ने अपनी सेवाएं दी। सेवानिवृत्त न्यायाधीश मेदिनी मिरीकर-कुलकर्णी ने पैनल प्रमुख के रूप में उपस्थिति दर्ज कराई, उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जन-कल्याणकारी अभियानों और निःशुल्क कानूनी सहायता के चारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी।
यह भी पढ़ें:-विकास की वेदी पर ‘इतिहास’ की बलि ! त्र्यंबकेश्वर में कुंभ से पहले बड़ा बदलाव
पैनल सदस्य सौरभ तिङके ने नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारी और सुरक्षात्मक उपायों के बारे में मार्गदर्शन किया, नासिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुहास भौसले ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन विधिक शिविरों का अधिक से अधिक लाभउठाएं ताकि छोटे-मोटे विवादों का त्वरित और मुफ्त निवारण हो सके।