नंदुरबार हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से हड़कंप! खाना खाने के बाद बिगड़ी 40 बच्चों की तबीयत, 5 बच्चे ICU में भर्ती

Nandurbar Hostel Food Poisoning: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में देर रात फूड पॉइजनिंग मामले से हड़कंप मच गया। नंदुरबार में सोशल वेलफेयर हॉस्टल में खाना खाने के बाद 40 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए।
food poisoning in nandurbar
नंदुरबार में फूड पॉइजनिंग (सौजन्य-एक्स)
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Maharashtra Shahada Hostel Food Poisoning: महाराष्ट्र के नंदुरबार से एक बड़ी घटना सामने आ रही है। नंदुरबार के शहादा में सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के हॉस्टल में खाना खाने के बाद कई छात्र बीमार पड़ गए। अचानक एक साथ इतने सारे बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद फूड पॉइजनिंग की जानकारी सामने आई। बच्चों की हालत देख माता-पिता बिलख पड़े। फूड पॉइजनिंग की जानकारी मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच की।

घटना की जानकारी मिलते ही नंदुरबार की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मिताली सेठी सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के हॉस्टल में खाना खाने के बाद बीमार पड़े स्टूडेंट्स की हालत का रिव्यू करने के लिए शहादा के हॉस्पिटल पहुंचीं।

5 बच्चे ICU में भर्ती

नंदुरबार की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मिताली सेठी ने हालात का जायजा लेने के बाद घटना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, "शहादा में, जहां हमारा सोशल वेलफेयर हॉस्टल है, वहां 40 बच्चों को फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस की समस्या हुई है। उनमें से 25 बच्चे हॉस्पिटल में भर्ती हैं। 20 बच्चे शहादा के रूरल हॉस्पिटल में हैं और 5 बच्चों को ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर की समस्या थी, इसलिए उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है।"

खाने और उल्टी के लिए गए सैंपल

बच्चों की स्थिति को लेकर उन्होंने बताया कि अभी सभी 25 बच्चे ठीक हैं और मैं डॉक्टर से लगातार अपडेट ले रही हूं। यहां रूरल हॉस्पिटल में ज्यादातर बच्चों की हालत भी ठीक हो गई है। उन्हें 24 घंटे के लिए वहां रखा गया है और फिर छुट्टी दे दी जाएगी। माता-पिता के रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया जा रहा है। मैं अभी हॉस्टल जा रही हूं ताकि देख सकूं कि वहां क्या समस्याएं हुई हैं। खाने के सैंपल लिए गए हैं और जांच के लिए उल्टी के सैंपल भी लिए गए हैं।

लैब टेस्ट के बाद तय की जाएगी जिम्मेदारी

नंदुरबार जिले की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कहा कि लैब के नतीजों के आधार पर हम जिम्मेदारी तय कर पाएंगे। हम HM, सोशल वेलफेयर ऑफिसर और वार्डन की जिम्मेदारी तय करने पर भी काम कर रहे हैं। पुलिस की टीम भी यहां मौजूद है और उन्हें माता-पिता की समस्याओं को भी देखना है, और हम इसके लिए पुलिस स्टेशन के साथ भी तालमेल बिठा रहे हैं। और अगले दो महीनों में, हम हॉस्टल जाएंगे और समस्याओं को अच्छी तरह से सुलझाएंगे।

फूड पॉइजनिंग के वजह की तह तक पहुंचने के लिए हम डिस्ट्रिक्ट फंड से और पैसे भी देंगे और माता-पिता के साथ मिलकर कमियों का पता लगाएंगे। जब तक यह सिस्टम ठीक नहीं हो जाता। उन्होंने बताया कि हर 15 दिन में वे इसकी समीक्षा भी करेंगी।

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