

नागपुर जिला परिषद को ई-कुबेर प्रणाली के लिए पथदर्शी प्रकल्प के रूप में चुना गया।
अक्टूबर का वेतन और पेंशन 2 नवंबर को एक साथ जमा किए गए।
करीब 9,000 कर्मचारियों को वेतन और 4,500 पेंशनधारकों को राशि मिली।
Maharashtra Gram Vikas Vibhag E-Kuber: महाराष्ट्र राज्य सरकार के ग्राम विकास विभाग ने नागपुर जिला परिषद के कार्यरत कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन प्रत्येक महीने की 1 तारीख को नियमित रूप से जमा हो, इस उद्देश्य से नागपुर जिला परिषद का चयन पथदर्शी प्रकल्प के रूप में किया था।
इसके लिए ई-कुबेर प्रणाली विकसित की गई है। वेतन और पेंशन जमा होने की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को कम करके सीधे कोषागार के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में राशि जमा करने की व्यवस्था की गई है।
विशेष बात यह है कि अक्टूबर माह का वेतन और पेंशन 2 नवंबर को एक ही दिन जमा किया गया। इसमें जिला परिषद के लगभग 9,000 कार्यरत कर्मचारियों का वेतन, जबकि लगभग 4,500 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन उनके बैंक खातों में जमा हुई है।
3 महीने से नियमित समय पर जमा हो रही पेंशन जिय में यह प्रणाली लागू हो गई है। वेतन और पेंशन वितरण के मामले में में नागपुर जिला परिषद ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
पिछले 3 महीनों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन प्रत्येक महीने की तारीसा को अथवा महीने के पहले कार्यालयीन दिवस पर नियमित रूप से जमा हो रही है। कास्ट्राइब जिला परिषद कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. सोहन चवरे ने कहा कि यह जिला परिषद के कर्मचारियों के लिए अत्यंत संतोषजनक और राहत देने वाली बात है।
ई-कुबेर प्रणाली का प्रशिक्षण लेना, उसमें शामिल तकनीकी पहलुओं को समझना और उन्हें प्रत्यक्ष कामकाज में आत्मसात करना सहज और आसान नहीं था। इस प्रक्रिया के दौरान कई तकनीकी समस्याए सामने आई।
हालांकि संबंधित कर्मचारियों ने अथक परिश्रम और लगातार प्रयासों के माध्यम से इन समस्याओं पर काबू पाया तथा इस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में जिय के रजत ताजने (सामान्य प्राशासन विभाग), कल्पेोग सोनवणे और दर्शन राठौड़ (वित्त विभाग) तथा इकबाल आगवान (पंचायत समिति, उमरेड) का समावेश है। इन कर्मचारियों ने ई-कुबेर प्रणाली को सफल बनाने के लिए विशेष मेहनत की। जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनि ने संबंधित कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर उनका सम्मान किया।