मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर हादसा: ट्रैक पार कर रहा था झुंड, ट्रेन की टक्कर से 5 मादा और 1 नर चीतल ने तोड़ा दम

Nagpur Deer Train Accident: नागपुर के कन्हान में मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर ट्रेन की चपेट में आने से 6 चीतलों की मौत हो गई। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
Accident on the Mumbai-Howrah rail route: Herd crossing the tracks; 5 female and 1 male chital killed after being hit by a train.
नागपुर कन्हान, चीतल की मौत, ट्रेन हादसा,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Kanhan Deer Train Collision: नागपुर जिले के कन्हान क्षेत्र में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में छह चीतलों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह हादसा मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर कन्हान रेलवे स्टेशन के समीप तुकारामनगर इलाके में हुआ। सुबह रेलवे ट्रैक पार कर रहे चीतलों का झुंड तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे छह चीतलों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7 बजे चीतलों का एक झुंड जंगल की ओर से रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग से गुजर रही तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से 6 चीतलों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत वन्यजीवों में 5 मादा और 1 नर चीतल शामिल हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दी सूचना

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सामाजिक कार्यकर्ता संजय सत्येकर को सूचना दी। इसके बाद प्राणी मित्र शेखर बोरकर और नगरसेवक प्रशांत पाटिल भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे प्रशासन, वन विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

वन विभाग ने किया पंचनामा

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सहायक वन संरक्षक गोविंदा लुचे, वन परिक्षेत्र अधिकारी राऊल शिंदे तथा उनकी टीम ने घटनास्थल का पंचनामा किया। इसके बाद सभी मृत चीतलों के शवों को वन विभाग के वाहन से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वन्यजीवों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर रेलवे ट्रैक से गुजरने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र से अक्सर जंगली जानवरों का आवागमन होता है। ऐसे में रेलवे और वन विभाग को संयुक्त रूप से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने चाहिए।

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