BJP से कटा टिकट तो उद्धव गुट की उम्मीदवार बनी महानंदा पाटिल, वानाडोंगरी नगराध्यक्ष पद पर 9 दावेदार

Nagpur News: वानाडोंगरी नगराध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में है। महानंदा पाटिल के पार्टी बदलने से मुकाबला चतुर्भुज हुआ। बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना यूबीटी के बीच जोरदार टक्कर होगी।
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वानाडोंगरी नगर परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Wanadongri Nagar Parishad Election: नागपुर जिले की वानाडोंगरी नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित है, इसलिए इस साल इस पद के लिए चुनाव में कड़ी टक्कर होने के साफ संकेत हैं। 5 बड़ी पार्टियों और दूसरे उम्मीदवारों समेत कुल 9 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं।

इसमें बीजेपी से सुनंदा बागड़े, कांग्रेस से नीलिमा देवीदास नागदेवे, एनसीपी (अजित पवार गुट) से सोनाक्षी प्रकाश लारोकर, शिवसेना (उबाठा) से महानंदा पाटिल और एनसीपी (शरद पवार गुट) से गणवीर मुख्य उम्मीदवार हैं जो मैदान में उतरे हैं।

बीजेपी से महानंदा पाटिल का टिकट

इस चुनाव में खास बात महानंदा पाटिल का नाटकीय फैसला है। आखिरी समय तक हर जगह यही चर्चा थी कि वह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी। लेकिन जब बीजेपी ने सुनंदा बागड़े को मैदान में उतारा, तो महानंदा पाटिल ने तुरंत शिवसेना (उबाठा) की उम्मीदवारी स्वीकार कर ली और मैदान में उतर गई। इससे राजनीतिक समीकरण में एक नया मोड़ आ गया।

जातिवाद, संगठन की ताकत, महिला नेतृत्व का असर और स्थानीय स्तर पर गुटबाजी की राजनीति के सभी पहलुओं को देखते हुए इस चुनाव में 4 कोनों वाली कड़ी लड़ाई की उम्मीद है।

बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना उबाठा और दूसरे उम्मीदवारों ने प्रचार का बिगुल बजा दिया है और 'कौन जीतेगा?' यह सवाल वोटरों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। आने वाले दिनों में प्रचार और तेज होगा और इस बात की पूरी संभावना है कि वानाडोंगरी नगराध्यक्ष पद का चुनाव हिंगणा में सबसे चर्चित चुनाव बन जाएगा।

26 नवंबर को वितरित होंगे चुनाव चिह्न

बता दें कि नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव के लिए 2 दिसंबर को मतदान होगा। उम्मीदवारों को 26 नवंबर की दोपहर तक चुनाव चिन्ह वितरण किए जाएंगे। इसके बाद से सभी चुनाव क्षेत्रों में उम्मीदवार अपने बैनर, झंडे लगा सकते हैं।

30 नवंबर की शाम 5 बजे तक प्रचार करना होगा क्योंकि चुनाव के 48 घंटे बाद प्रचार प्रक्रिया पूरी तरह बंद की जाएगी। चिह्न वितरण के बाद उम्मीदवारों को सही तरीके से चुनाव प्रचार करने के लिए सिर्फ चार दिन ही मिलेंगे।

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