

Vidarbha Lok Sabha Seats Increase: संसद के विशेष अधिवेशन में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन (सीमांकन) विधेयक पर चर्चा शुरू होने के बाद विदर्भ में लोकसभा और विधानसभा की कितनी सीटें बढ़ेंगी तथा उनकी सीमाएं कैसी होंगी, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि कुल सीटों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत वृद्धि हो सकती है।
इसके अनुसार विदर्भ (Vidarbha) में लोकसभा की 2 या 3 सीटें तथा विधानसभा की 12 से 15 सीटें बढ़ सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में तेजी से शहरीकरण बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का दबाव शहरों पर बढ़ा है। इससे जनसंख्या घनत्व भी बढ़ा है। ऐसी स्थिति में शहरी क्षेत्रों में निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या बढ़ने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
प्राथमिक अनुमान के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3 लाख मतदाता रखने पर जोर रहेगा। एसआईआर के कारण दोहरी मतदाता पंजीयन और मृत व्यक्तियों के नाम बड़ी संख्या में हटाए जाएंगे। इसका भी असर पड़ेगा। हालांकि नये मतदाता भी जुड़ेंगे।
पिछले कुछ वर्षों से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नागपुर जिले में 3 लोकसभा क्षेत्र होंगे। साथ ही 2 विधानसभा क्षेत्रों की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इनमें पश्चिम व उत्तर नागपुर तथा पूर्व व दक्षिण नागपुर जैसे दो नए क्षेत्रों की चर्चा है।
ग्रामीण क्षेत्र में कामठी का बड़ा हिस्सा नये निर्वाचन क्षेत्र में शामिल हो सकता है। इसके अलावा एक और विधानसभा क्षेत्र बढ़ने की संभावना है। बताते चलें कि विदर्भ में वर्ष 2009 में लोकसभा की एक सीट और विधानसभा की 4 सीटें कम हुई थीं। अब उसकी भरपाई होने की संभावना है।
भाजपा विदर्भ संगठन सचिव उपेंद्र कोठेकर ने बताया नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 2-2 विधानसभा सीटें तथा जिले में 1 लोकसभा सीट बढ़ सकती है। चंद्रपुर और अमरावती शहरों में भी विधानसभा क्षेत्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है। विदर्भ में कुल 10 से 12 विधानसभा सीटें बढ़ सकती हैं।