नागपुर कांग्रेस में कुर्सी का घमासान! आज पहुंचेंगे राव दान सिंह, क्या केदार फिर चलाएंगे अपना 'हुकुम का इक्का'?

Nagpur District Congress President: नागपुर जिला कांग्रेस में भी बदलेगा अध्यक्ष! पर्यवेक्षक राव दान सिंह आज करेंगे मंथन। सुनील केदार और राजेन्द्र मूलक गुट के बीच वर्चस्व की जंग शुरू।
Congress observer Rao Dan Singh to reach Nagpur for District President selection. Heavyweights Sunil Kedar and Rajendra Mulak vie for influence.
राव दान सिंह और सुनील केदार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Congress Rao Dan Singh: संगठन सृजन अभियान के तहत नागपुर शहर सहित जिला कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया भी 11 अप्रैल से शुरू हो रही है। जिले के लिए पर्यवेक्षक के रूप में कांग्रेस ने राव दान सिंह को नियुक्त किया है। जिलाध्यक्ष अश्विन बैस ने बताया कि वे 11 अप्रैल को पहुंच रहे हैं और पार्टी कार्यालय गणेशपेठ में कार्यकारिणी सहित जिले के मुख्य नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

वे 15 अप्रैल तक रोज ही जिले के सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों व अध्यक्ष बनने के इच्छुकों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे। अपनी रिपोर्ट दिल्ली भेजेंगे। अंतिम निर्णय दिल्ली आलाकमान का होगा। उनके साथ सह-निरीक्षक सांसद कल्याण काले, वजाहत मिर्जा, शिवा राव भी होंगे।

सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। जिलाध्यक्ष के लिए भी कांग्रेस (Congress) के अलग-अलग गुटों से आधा दर्जन के करीब उम्मीदवारों के नाम चल रहे हैं। समझा जा रहा है कि जिलाध्यक्ष का चेहरा भी बदल जाएगा।

केदार लगाएंगे ताकत

जिले के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री सुनील केदार अपने ही गुट के किसी कार्यकर्ता को अध्यक्ष बनाने के लिए ताकत दिखाएंगे। समझा जा रहा है कि अश्विन बैस की पुनर्नियुक्ति के लिए वे जोर लगा सकते हैं। हालांकि पूर्व मंत्री राजेन्द्र मूलक और वरिष्ठ नेता नाना गावंडे भी अपने कार्यकर्ता के लिए फील्डिंग लगाएंगे।

हाल ही में रामटेक सांसद व केदार समर्थक श्यामकुमार बर्वे ने रवि भवन में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के संदर्भ में कार्यकर्ताओं की बैठक ली थी। केदार गुट पर एकतरफा निर्णय लेने व तानाशाहीपूर्ण तरीके से पार्टी चलाने का आरोप लगाने वाला गुट भी सक्रिय है। विधानसभा चुनाव में जिलाध्यक्ष राजेन्द्र मूलक द्वारा बगावत करने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

तब बाबा आष्टणकर को प्रभारी जिलाध्यक्ष बनाया गया था। समझा जा रहा था कि वही जिलाध्यक्ष रहेंगे लेकिन सुनील केदार ने अपने कार्यकर्ता अश्विन बैस को अध्यक्ष बनाने में सफलता पायी। इस बार भी वे अपनी ताकत दिखाएंगे।

भोयर, पठान, वाघधरे के भी नाम

चर्चा है कि कामठी विस चुनाव में चंद्रशेखर बावनकुले के खिलाफ लड़ने वाले सुरेश भोयर भी जिलाध्यक्ष पद के लिए दावा ठोक सकते हैं। बाबा आष्टणकर तो पूरी तैयारी में हैं। मुजीब पठान भी फील्डिंग लगा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पूर्व महिला जिलाध्यक्ष रह चुकीं प्रदेश महासचिव भी जिलाध्यक्ष पद के लिए दावा ठोक सकती हैं। सीनियर कार्यकर्ता प्रकाश वसु, गंगाधर रेवतकर, नाना कंभाले के नाम भी सामने आ रहे हैं।

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