सब्जियां बेच रहे हैं या सोना! नागपुर में बारिश से मंडियों में आवक घटी, अदरक-लहसुन और प्याज के दाम चढ़े

Nagpur Vegetable Prices Rise: नागपुर में बारिश के कारण सब्जियों की आवक घटने से अदरक, लहसुन और प्याज के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। बढ़ती महंगाई से गृहिणियों का रसोई बजट प्रभावित हो रहा है।
Are they selling vegetables or gold? Rain in Nagpur has reduced market arrivals, driving up the prices of ginger, garlic, and onions.
नागपुर सब्जी भाव, अदरक महंगा, लहसुन के दाम, प्याज की कीमत, सब्जी महंगाई,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो )
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Nagpur Vegetable Prices Monsoon: नागपुर शहर के थोक और खुदरा बाजारों में रोजमर्रा की उपयोग की महत्वपूर्ण सब्जियों के दामों में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजार में अदरक और लहसुन की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। खासतौर पर अदरक के दाम डबल हो गए हैं। वहीं 2 महीने बाद लहसुन के दाम काफी ज्यादा बढ़े हैं।

इसके अलावा प्याज के कीमत में भी उछाल आया है। इन सब्जियों के बढ़े दाम ने गृहिणियों का बजट बिगाड़ दिया है। सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक बारिश के चलते उत्पादक क्षेत्रों से मंडियों में होने वाली माल की आवक काफी कम है जिसके कारण कीमतों में यह भारी उछाल आया है।

2 महीनों में लहसुन हुआ दोगुना महंगा

लहसुन की कीमतों में भी पिछले 2 महीनों के भीतर भारी तेजी दर्ज की गई है। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि 2 महीने पहले लहसुन थोक बाजार में 150 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहा था जो अब बढ़कर 200 से 220 रुपए और 250 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुका है।

थोक बाजार की इस तेजी का असर चिल्लर मार्केट पर साफ दिख रहा है जहां ग्राहकों को लहसुन खरीदने के लिए 320 र पए प्रति किलो तक की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले ठंड के मौसम तक लहसुन के भाव इसी तरह ऊंचे बने रह सकते हैं।

320 रु. प्रति किलो पहुंचा अदरक

शहर के कलमना मार्केट में इस समय अदरक के तेवर सबसे ज्यादा तीखे बने हुए हैं। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार थोक बाजार में बेगलुरु से आने वाली अदरक की एक बोरी अब 9,800 रुपए में मिल रही है। इस हिसाब से थोक मंडी में बेंगलुरु के अदरक की कीमत 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।

वहीं दूसरी ओर औरंगाबाद से आने वाला अदरक थोक में 170 रुपए प्रति किलो के भाव पर बेचा जा रहा है, जबकि चिल्लर बाजार की बात करें तो गुणवत्ता के आधार पर अदरक 60 से 80 रुपए प्रति पाव यानी 240 से 320 प्रति किलो तक बिक रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि अदरक में काफी कचरा भी निकलता है जिससे अंतिम लागत और बढ़ जाती है। पिछले 15 से 20 दिनों से बाजार में यही ऊंचे दाम बने हुए है, जबकि इससे पहले थोक बाजार में अदरक की कीमत महज 90 से 110 प्रति किलो के आसपास हुआ करती थी जो अब सीधे दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है।

प्याज में 15 रुपए की तेजी

सब्जी मंडी में केवल अदरक और लहसुन ही नहीं बल्कि प्याज भी अब लोगों को धीरे-धीरे रुलाने लगी है। थोक बाजार में कुछ दिन पहले तक 20 रुपए प्रति किलो बिकने वाली प्याज अब बढ़कर 30 से 35 रुपए प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई है।

वहीं खुदरा बाजार में प्याज 40 से 50 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है। इस बौतरफा महंगाई के बीच राहत की बात सिर्फ यह है कि आलू की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं दिख रही है। बोक बाजार में आलू अभी भी 13, 14 और 15 प्रति किली के सामान्य भाव पर बिक रहा है।

अदरक के दाम डबल हो गए

थोक बाजार में अदरक के दाम डबल हुए हैं लेकिन इसे लाने के बाद काफी सफाई करनी पड़ती है, इसलिए चिल्लर में दाम और ज्यादा बढ़ जाते हैं। ट्रांसपोर्टेशन पहले से ही महंगा हो चुका है, इसलिए चिल्लर में अदरक इस समय गुणवत्ता अनुसार 280 से 320 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। मार्केट में आवक कम होने से असर हुआ है।

- खुदरा सब्जी विक्रेता, मोहम्मद अबरार

आवक प्रभावित हुई है

अदरक की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण मौसम का मिजाज है। इस बार बारिश की कमी और बेमौसम हालात की वजह से नई फसलों के आने में देरी हो रही है जिससे मंडियों में आवक प्रभावित हुई है। हालांकि आलू के दाम फिलहाल नियंत्रण में हैं लेकिन प्याज और अदरक की आवक कम होने से बाजार में दबाव साफ देखा जा रहा है।

- आलू-प्याज एसोसिएशन, अध्यक्ष, गौरव हरडे 

सब्जियों का ताजा भाव

सब्जी थोक भाव (₹/किलो) चिल्लर भाव (₹/किलो)
अदरक (बेंगलुरु) ₹200–240 ₹320
अदरक (छत्रपति संभाजीनगर) ₹170–240 ₹280
लहसुन ₹200–250 ₹320
प्याज ₹30–35 ₹40–50
आलू ₹13–15 ₹20–25
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