

Trade Unions UPI Controversy: यूपीआई से होने वाले बड़े व्यापारी भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किए जाने के फैसले के बाद व्यापारिक संगठनों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
कई व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत का बोझ बढ़ने से कारोबारियों के लिए यूपीआई भुगतान महंगा पड़ेगा और इसका असर ग्राहकों के भुगतान व्यवहार पर भी पड़ सकता है। कुछ व्यापारी संगठन अब ग्राहकों को बड़े भुगतान के लिए नकद भुगतान की ओर प्रोत्साहित करने की तैयारी में हैं। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन के लिए यह शुल्क अधिकतम 300 प्रति लेन-देन तक रहेगा।
व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की सरकार की पहल का समर्थन किया था लेकिन अगर उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा तो वे नकद भुगतान को प्रोत्साहित करेंगे। हम पहले से ही लेन-देन शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी दे रहे है। अब अगर सरकार हमसे यूपीआई एमडीआर भी वसूलती है तो हम नकद भुगतान को बढ़ावा देंगे। अगर यूपीआई लेन-देन पर भी शुल्क लगाया जाता है तो हम इसका समर्थन नहीं करेंगे और नकद भुगतान को बढ़ावा देना शुरू करेंगे।
अनिल अग्रवाल, तेल व्यापारी
नागपुर जिला के दुकानदारों और व्यापारियों को नकद भुगतान की ओर जाना चाहिए। अतिरिक्त शुल्क के इस निर्णय के बाद अब कम मुनाफे पर काम करने वाले व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान महंगा विकल्प बन जाएगा। यूपीआई को व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए डिजिटल भुगतान सुगम बनाने के लिए शुरू किया गया था। अगर अब 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन पर व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा तो उनमें से कई नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।
- महावीर लटुरिया, बर्तन व्यापारी
हमे डिजिटल भुगतान से कोई समस्या नहीं है लेकिन अतिरिक्त लागत व्यापारियों पर नहीं डाली जानी चाहिए। व्यापारी पहले से ही क्रेडिट कार्ड लेन-देन पर एमडीआर का विरोध कर रहे है और अब उन्हें यूपीआई भुगतान पर भी शुल्क का सामना करना पड़ेगा। बड़े भुगतान के लिए व्यापारी थोक विक्रेताओं और अन्य कारोबारियों को चेक तथा बैंकिंग माध्यमों के इस्तेमाल पर भी विचार करेंगे।
- जवाहर पटेल, व्यापारी, इलेवट्रिक मार्केट
शुल्क से बढ़ेगी परेशानी 2.000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान लेने वाले छोटे, मझोले और थोक कारोबारियों के लिए लागत बढ़ेगी।। छोटा शुल्क भी एक माह या पूरे साल के दौरान बड़ा खर्च बन सकता है। नया शुल्क छोटे दूकानदारों के लिए परेशानी पैदा करेगा।
विराग संघवी, व्यापारी