नागपुर यूनिवर्सिटी ने जारी किए लंबित शीतकालीन परीक्षा परिणाम, देरी पर प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण

Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय ने शीतकालीन परीक्षाओं के लंबित परिणाम जारी कर दिए हैं। उपकुलपति ने माना कि प्रशासनिक फैसलों और नई कंपनी को देर से जिम्मेदारी देने से देरी हुई।
Nagpur University Releases Pending Winter Exam Results; Administration Issues Clarification Regarding Delay
नागपुर विश्वविद्यालय,परिणाम में देरी,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur University Result Declaration: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा ली गई शीतकालीन परीक्षाओं के लंबित परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने दावा किया कि सभी विषयों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परिणामों में हुई देरी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के पूर्व के गलत निर्णय जिम्मेदार रहे हैं। शीतकालीन परीक्षाओं के परिणाम में भारी देरी को लेकर प्रशासन को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

उपकुलपति डॉ. क्षीरसागर ने पत्रकारों को बताया कि परीक्षा शुरू होने के दौरान ही टेंडर निकालकर नई क्रोएम्प्ट कंपनी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। ऐन वक्त पर जिम्मेदारी मिलने के कारण कंपनी में समन्वय की समस्या पैदा हुई जिससे परीक्षाएं देर से शुरू हुई और परिणाम भी प्रभावित हुए।

उन्होंने बताया कि परीक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी अंतिम समय में नई कंपनी को नाहीं दी जानी चाहिए थी। वहीं पुरानी कंपनी ने एक और परीक्षा सत्र संचालित करने की मांग की थी जिसे ठुकराना भी गलत फैसला साबित हुआ। इसके अलावा विश्वविद्यालय का अपना डेटा सेंटर तैयार न होना भी बड़ी चूक रही।

उपकुलपति ने कहा कि अब इन कमियों को दूर करते हुए विश्वविद्यालय के आईटी विभाग को मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। वहीं ग्रीष्मकालीन परीक्षाओं की प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है। कुल 1,054 परीक्षाओं में से 944 का समय सारिणी घोषित की जा चुकी है, जबकि शेष 110 परीक्षाओं का कार्यक्रम 15 मई से पहले जारी करने की बात कही गई है।

अब तक 261 परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं और 22 परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। परीक्षाओं को सुचारु और त्रुटिरहित ढंग से संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय ने 'वॉर रूम' की स्थापना की है। मूल्यांकन केंद्र समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. समित माहोरे को तथा सॉफ्टवेयर कंपनी से समन्वय की जिम्मेदारी आईटी सेल के सतीश शेंडे को सौंपी गई है।

अंक सूची में गड़बड़ियों की मिली शिकायत

हालांकि परिणाम घोषित होने के बावजूद अंक सूची और रिजल्ट में गड़बड़ियों की शिकायते लगातार सामने आ रही है। परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के संचालक डॉ. मोतीराम तडस ने बताया कि 350 से अधिक चिद्यार्थियों की शिकायतें विश्वविद्यालय को प्राप्त हुई है। इसके अलावा 100 से अधिक महाविद्यालयों ने भी मूल्याकन में त्रुटियों की शिकायत दर्ज कराई है। नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इन शिकायती का तेजी से निवारण किया जा रहा है।

अब 'वॉर रूम' तैयार किया

विश्वविद्यालय के अनुसार शीतकालीन-2025 सत्र के अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल 1,261 परीक्षाएं लगभग डेढ़ महीने की देरी से नवंबर से आयोजित की गई थी। इनमें 3 लाख 17 हजार 540 विद्यार्थी शामिल हुए थे। प्रशासन का दावा है कि सभी 1,261 परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इनमें 356 परिणाम 30 दिनों के भीतर, 161 परिणाम 31 से 45 दिनों के भीतर तथा 744 परिणाम 45 दिनों के बाद जारी किए गए।

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