सोनम वांगचुक की हिरासत के खिलाफ नागपुर में फूटा गुस्सा; संविधान चौक पर छात्रों और अभिभावकों का बड़ा प्रदर्शन

Nagpur Student Protest: सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद नागपुर के संविधान चौक पर हजारों छात्र और युवा जुटे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला।
Outrage erupts in Nagpur over Sonam Wangchuk's detention; students and parents stage a massive protest at Samvidhan Chowk.
सोनम वांगचुक, नागपुर प्रदर्शन, नीट पेपर लीक,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Protest Sonam Wangchuk: नागपुर नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।

इसी कड़ी में नागपुर में भी हजारों छात्र, युवा और अभिभावक सड़कों पर उतर आए। शाम को संविधान चौक पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक को जबरन हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार से वांगचुक को तत्काल रिहा करने और नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

पुलिस ने नहीं दी थी मार्च की अनुमति

जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी ने दो दिन पहले ही वेरायटी चौक से संविधान चौक तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

इसी बीच शनिवार सुबह दिल्ली में वांगचुक को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आते ही आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और युवा संविधान चौक पर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

शाम 4 बजे से जुटने लगे छात्र-युवा

दोपहर करीब 4 बजे से ही संविधान चौक पर विद्यार्थियों का जुटना शुरू हो गया। देखते ही देखते हजारों छात्र, युवा और अभिभावक वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने संविधान चौक से बीएसएनएल कार्यालय होते हुए जीरो माइल तक पैदल मार्च निकाला और फिर वापस संविधान चौक पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

कई सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन

आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी की भूमिका चौहान, वैदेही भिलावे, एनएसीआई की अनुसया, पर्यावरण कार्यकर्ता मान सिंह, आर.जे. प्रीति, सूरज तथा हम सब भारतीय मंच सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने संयुक्त रूप से वांगचुक की हिरासत का विरोध करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की।

संविधान चौक पर वर्षों बाद दिखा ऐसा जनआक्रोश

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस प्रकार दिल्ली का जंतर-मंतर देशभर के आंदोलनों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, उसी तरह नागपुर का संविधान चौक भी लोकतांत्रिक विरोध का महत्वपूर्ण स्थल है। शनिवार को यहां उमड़ी भीड़ और युवाओं का जोश इस बात का संकेत था कि शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर समाज का बड़ा वर्ग गंभीर है।

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