

Nagpur Sanjay Raut Wangchuk Protest: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बीते 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर होता जा रहा है। इस पर शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राऊत ने नागपुर में कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्देश दिए जाने चाहिए।
इसकी जिम्मेदारी उनकी है। यदि उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया होता, तो देश की राजनीतिक स्थिति अलग होती। पिछले 20 दिनों से अनशन जारी है। वहां एक 20 वर्षीय युवती भी अनशन पर बैठी है, जिसकी तबीयत बेहद खराब हो चुकी है।
क्या इस संबंध में गृह मंत्री और प्रधानमंत्री तक कोई रिपोर्ट नहीं पहुंच रही हो, ऐसा हो नहीं सकता। सभी की संवेदनाएं मर चुकी हैं। क्या मोदी मंत्रिमंडल में एक भी ऐसा साहसी मंत्री नहीं है, जो प्रधानमंत्री से कह सके कि वे जो कर रहे हैं, वह गलत है। सोनम वांगचुक को बचाना देश का कर्तव्य है। मैं भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रभक्त पार्टी नहीं मानता।
जयंत पाटिल के सीएम व डीसीएम से मुलाकत पर राऊत ने कहा कि यदि कल जयंत पाटिल रामदास आठवले से मिलते हैं, तो इसका यह मतलब नहीं है कि वे आठवले की पार्टी में शामिल हो रहे हैं। महाराष्ट्र में कई राजनीतिक दल हैं और नेता एक-दूसरे से मुलाकात करते रहते हैं।
हर मुलाकात का मतलब दल-बदल नहीं होता। वे सभी दलों के नेताओं से मिलते हैं। उन्हें मिलने दीजिए। डिलिमिटेशन पर कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव के संदर्भ में उन्होंने कहा, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यदि केंद्र सरकार में बड़ा फेरबदल होता है, तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राष्ट्र की सेवा के लिए केंद्र में जा सकते हैं।
उनके स्थान पर महाराष्ट्र में भाजपा का कोई वरिष्ठ मंत्री मुख्यमंत्री बन सकता है। चुनावी डेटा पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के वक्तव्य पर राऊत ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत के चुनावों में गड़बड़ी हुई है और वोटों की चोरी हुई है। यदि टूप भारतीय चुनावी आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो उन्हें समझ में आ जाएगा कि नरेंद्र मोदी वास्तव में क्या है।