नागपुर में चाकू की नोक पर अपहरण, दुष्कर्म और फिर पत्थरों से कुचलने का प्रयास; विशेष अदालत ने दोषी को भेजा जेल

Nagpur Special Court: नागपुर की विशेष अदालत ने सहकर्मी के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में दोषी युवक को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
Abduction at knifepoint, rape, and attempted murder by crushing with stones in Nagpur; special court sends convict to jail.
नागपुर कोर्ट, दुष्कर्म मामला,(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nagpur Special Court Rape Conviction: नागपुर एकतरफा प्यार और शादी से इनकार करने पर एक युवती के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले 29 वर्षीय युवक को विशेष अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पंकज दिलीप चौधरी ने चाकू की नोक पर सहकर्मी का अपहरण कर रेलवे ब्रिज के नीचे उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि उसे पत्थरों से बुरी तरह कुचलकर जान से मारने का भी प्रयास किया।

विशेष न्यायाधीश जे।ए। शेख ने इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए सख्त सजा सुनाई। आरोपी की ओर से अधि. ए.बी. शेंड और राज्य की ओर से सरकारी वकील अधि. प्रशांत साखरे ने पैरवी की।

जबरन शादी का प्रस्ताव

अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 वर्षीय पीड़िता और आरोपी पंकज दिलीप चौधरी बुटीबोरी स्थित होटल में एक साथ काम करते थे। आरोपी पंकज ने कई बार पीड़िता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे पीड़िता ने यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि वह पहले से शादीशुदा है।

31 जुलाई 2020 की रात करीब 10 बजे जब पीड़िता खाना खाने के बाद फोन पर बात करते हुए सातगांव फाटा की तरफ जा रही थी, तभी आरोपी मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा। उसने पीड़िता के माथे पर चाकू रखकर उसे जान से मारने की धमकी दी और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर शिरूर रेलवे ब्रिज के नीचे एक सुनसान जगह पर ले गया।

जिंदगी की जंग और पुलिस जांच

पूरी रात बेहोश रहने के बाद 1 अगस्त 2020 की सुबह जब पीड़िता को होश आया, तो उसने खुद को निर्वस्त्र पाया। उसने किसी तरह अपने फटे हुए कपड़े पहने और गंभीर रूप से घायल अवस्था में अपने घर पहुंची। उसकी हालत देखकर उसके चाचा और मां उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMC) ले गए।

पीडिता की हालत नाजुक ची और उसका चेहरा व जबड़ा इतना सूज चुका था कि वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। हालत में थोड़ा सुधार होने पर 2 अगस्त 2020 को पुलिस ने अस्पताल में उसका बयान दर्ज किया, जिसके आधार पर बुटीबोरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR No। 430/2020) दर्ज की गई।

दरिंदगी की इंतहा, गाली-गलौज करते हुए मारपीट

रेलवे ब्रिज के नीचे ले जाकर आरोपी ने पीड़िता से फिर शादी से इनकार करने का कारण पूछा और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने अदालत को बताया कि जब उसने आरोपी का विरोध किया और अपने बचाव में उसके बाल पकड़े, तो आरोपी ने उसके दाहिने हाथ पर बुरी तरह काट लिया।

इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए और उसका गला इस कदर दबाया कि वह बेहोश हो गई। पीड़िता के बेहोश होने के बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने पीड़िता के चेहरे, सिर और आंखों पर कंक्रीट के भारी पत्थरों से तब तक वार किया जब तक कि उसे लगा नहीं कि पीड़िता की मौत हो चुकी है।

इस बर्बर हमले में पीड़िता के 5-6 दांत टूट गए और उसकी नाक की हड्डी व जबड़ा भी टूट गया। इसके बाद आरोपी उसे निर्वस्त्र और मरणासन्न अवस्था में वहीं छोड़कर भाग गया।

सजा का ऐलान

  • धारा 364 (हत्या के इरादे से अपहरण): 10 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना।
  • धारा 376 (दुष्कर्म): 10 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना।
  • धारा 307 (हत्या का प्रयास): 10 साल का कठोर कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना।
  • धारा 325 (गंभीर चोट पहुंचाना): इसे धारा 307 के तहत ही माना गया।
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