नागपुर के कोराडी मंदिर में निर्माणाधीन स्लैब गिरा, मलबे में दबे कई मजदूर, मची अफरा-तफरी

Nagpur Koradi Temple: नागपुर के कोराडी मंदिर में बीते दिन हंगामा मच गया, जब यहां एक निर्माणाधीन गेट का स्लैब गिर पड़ा। स्लैब पर कई मजूदर काम कर रहे थे, जो कि मलबे में दब गए।
Nagpur Koradi Temple: नागपुर के कोराडी मंदिर में बीते दिन हंगामा मच गया, जब यहां एक निर्माणाधीन गेट का स्लैब गिर पड़ा। स्लैब पर कई मजूदर काम कर रहे थे, जो कि मलबे में दब गए।
कोराडी मंदिर हादसा (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Koradi Temple: नागपुर के कोराडी मंदिर मार्ग से खापरखेड़ा मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार रात अचानक निर्माणाधीन प्रवेश द्वार गिरने से वहां अफरा-तफरी मच गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार गेट निर्माण का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया जिससे वहां काम कर रहे 10-15 मजदूरों के दबे होने की जानकारी सामने आई है जिनमें से कुछ के गंभीर रूप से जख्मी होने की भी खबर है।

जख्मियों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया लेकिन तब तक खबर आग की तरह फैल गई और अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा रात लगभग 8 से 8.15 बजे के बीच हुआ। हादसे के समय निर्माण स्थल पर कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुई इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

लोहे के स्ट्रक्चर व कंक्रीट का चल रहा था काम

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने आसपास के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है। मिली जानकारी के अनुसार गेट निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा था और हादसे के समय लोहे के स्ट्रक्चर व कंक्रीट का कार्य जारी था।

हादसे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन निर्माण में लापरवाही की भी संभावना जताई जा रही है। घायल मजदूरों को समीप के निजी अस्पताल और मंदिर परिसर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। घटनास्थल पर बचाव कार्य देर रात तक जारी था और दबे हुए मजदूरों की तलाश में जेसीबी व अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने घायल मजदूरों को तुरंत अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो शायद इस तरह का हादसा टाला जा सकता था। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और ठेकेदार व संबंधित इंजीनियर से पूछताछ की जा रही है। इस काम का ठेका बीबीई कंपनी को दिया गया है।

पैनिक होने जरूरत नहीं - डॉ. इटनकर

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं लगातार पालकमंत्री के साथ संपर्क में हूं। प्रशासन की ओर से सभी प्रिकॉशन लिए जा रहे हैं। अफवाह फैली है कि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हादसे में 17 लोगों को माइनर इंजरी हुई है। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। प्रशासन प्रोटोकॉल फॉलो कर रहा है। किसी को भी पैनिक करने की जरूरत नहीं है।

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