वृद्ध की मौत मामले में नया मोड़: नागपुर के रामदासपेठ हादसे के बाद बड़ा एक्शन, उत्पात में 15 पर मामला दर्ज

Nagpur Road Accident: नागपुर के रामदासपेठ कार हादसे के बाद सीताबर्डी पुलिस ने दंगा और मारपीट मामले में गैंगस्टर के बेटे समेत 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
New Twist in Elderly Man's Death Case: Major Action Taken Following Ramdaspeth Incident in Nagpur; Case Registered Against 15 Individuals for Vandalism
नागपुर अपराध, राजा खान एफआईआर, कार हादसा,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Riot Case News: नागपुर रामदासपेठ के बेस्ट कोर्ट अपार्टमेंट के समीप अपनी कार से साइकिल पर सवार वृद्ध श्यामलाल वर्मा को रौंदने वाले कार चालक सारंग मंगल यादव की गिरफ्तारी के बाद अब सीताबर्डी पुलिस ने दंगा और उत्पात मचाने वाले अपराधियों पर भी एफआईआर दर्ज की है। गैंगस्टर आबू खान के बेटे राजा खान सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद यह मामला दर्ज किया गया है लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि सीताबर्डी पुलिस ने खुद कोई एक्शन क्यों नहीं लिया, नया मामला एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया है। महिला नॉर्थ अंबाझरी रोड पर स्थित जेड लीफ कैफे में काम करती है। आरोपियों में राजा खान, प्रसाद राऊत, दीपक वराडकर, आशीष तिवारी, कार्तिक तिजारे, प्रवीण, मेहर, आकाश पत्ते और उनके 8 से 10 साथियों का समावेश है।

हालांकि इस एफआईआर में सारंग यादव और अक्षय मड़ावी का नाम नहीं है। विगत 15 मई की रात 3:30 बजे के दौरान सभी जेड लीफ कैफे के सामने बैठे थे। इसी दौरान राजा और दीपक वराडकर का विवाद हो गया। उस समय युवकों के 2 गुट हो गए और आपस में जमकर मारपीट की गई।

गुटीय विवाद के बाद कैफे में तोड़फोड़, सड़क पर मचा उत्पात

विरोधी गुट राजा खान पर भारी पड़ गया लेकिन जब राजा ने अपनी फौज बुलाई तो सारंग, दीपक और अन्य वहां से भाग निकले। वहां से भागने के चक्कर में ही सारंग ने मर्सडीज कार से साइकिल सवार श्यामलाल को उड़ा दिया। कैफे के कर्मचारियों ने महिला को विवाद की जानकारी दी। महिला कैफे में पहुंची तो राजा और उसकी गैंग के लोग भी भीतर घुस आए।

सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग करने लगे, उन्हें बाहर जाने को कहा गया लेकिन राजा और उसके साथियों ने फिर विवाद शुरू कर दिया। कैफे के सामने खड़े पीड़ित महिला के दोपहिया वाहन सहित 5-6 गाड़ियों पर लाठियों से प्रहार कर तोड़फोड़ की, काफी देर तक कोहराम मचाने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद शंकरनगर और रामदासपेठ में भी काफी उत्पात मचाया गया।

सीपी के आदेश पर कार्रवाई, सीताबर्डी पुलिस की भूमिका सवालों में

सीताबाडी पुलिस ने जानकारी होने के बावजूद प्रकरण को हल्के में लिया, आखिर सीपी रवींद्र कुमार सिंगल ने डीसीपी जोन-2 नित्यानंद झा को पूरे मामले की निगरानी कर कार्रवाई के आदेश दिए।

भयभीत होने के कारण पीड़ित महिला ने तब पुलिस से शिकायत नहीं की, बाद में सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया और आरोपियों के खिलाफ दंगा, मारपीट, अभद्र व्यवहार करने सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में सीताबर्डी खाने के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिहन लग रहे हैं।

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