Wadi: शिवसेना UBT में बड़ी बगावत! उपजिलाप्रमुख समेत इन नेताओं ने थामा धनुष, देखें लिस्ट

Shiv Sena UBT Rebellion: वाड़ी नगर परिषद चुनाव दस वर्ष बाद हो रहे हैं, और राजनीतिक माहौल में प्रतिष्ठा, पदलोलुपता, रणनीति और असंतोष जैसे मुद्दे जनता की चर्चाओं में प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहे हैं।
Shiv Sena UBT Rebellion: वाड़ी नगर परिषद चुनाव दस वर्ष बाद हो रहे हैं, और राजनीतिक माहौल में प्रतिष्ठा, पदलोलुपता, रणनीति और असंतोष जैसे मुद्दे जनता की चर्चाओं में प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहे हैं।
शिंदे सेना में शामिल नेता (सौजन्य-नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Wadi News: हाल ही में राकां के पूर्व नगराध्यक्ष प्रेम झाडे को कांग्रेस कोटे से नगराध्यक्ष पद का टिकट दिए जाने से नाराज होकर वाड़ी शहर कांग्रेस अध्यक्ष शैलेश थोराने सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कांग्रेस से सामूहिक इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई। महाविकास आघाडी के प्रमुख घटक शिवसेना में भी असंतोष खुलकर सामने आया है।

शिवसेना के हर्षल काकडे को नगराध्यक्ष पद का टिकट नहीं देने पर उन्होंने युति से बाहर होकर स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। लेकिन बुधवार रात बड़ी घटना तब हुई जब शिवसेना के उपजिलाप्रमुख मधु मानके पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर शिवसेना की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।

शिंदे सेना ने किया समर्थन

उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वे शिंदे शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इस निर्णय का उपस्थित शिवसैनिकों ने भी समर्थन किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मधु मानके पाटिल ने कहा शिवसेना की टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया मुख्य इकाई द्वारा होना अनिवार्य था, लेकिन युवा सेना इकाई ने पूर्ण हस्तक्षेप कर प्रक्रिया को भंग किया। उनके तथा उनके सहयोगियों की टिकट मांग को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

नियमों का उल्लंघन

बी–फॉर्म प्रमुख पदाधिकारियों को दिए जाने चाहिए थे, लेकिन उन्हें किसी अन्य के हाथ देकर नियमों का उल्लंघन किया गया। वरिष्ठ नेताओं को बार-बार अवगत कराने पर भी कोई हस्तक्षेप या न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नगराध्यक्ष चुनाव जीतने के लिए 27 वार्डों में उम्मीदवार उतारना आवश्यक है, लेकिन शिवसेना ने केवल 10 उम्मीदवार घोषित किए हैं। ऐसे में चुनाव जीतना असंभव है, जिससे शिवसैनिकों में आक्रोश बढ़ गया।

अन्यायपूर्ण और पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली से नाराज होकर वाड़ी के अनेक शिवसेना पदाधिकारियों ने मानके पाटिल के निर्णय का समर्थन किया और शिवसेना को छोड़कर शिंदे गुट के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। मधु मानके पाटिल ने अपना इस्तीफा व कारण दर्शक पत्र संपर्क प्रमुख तथा शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे को भेजने की जानकारी दी।

शिवसेना छोड़ने वालों में शामिल पदाधिकारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित और शिवसेना छोड़ने वाले प्रमुख नाम चैतराम भोयर, मंसाराम अतकरी, आर्यन बाविक, विनोद अतकरी, सुधीर घडई, भीमराव मकेश्वर, चेतन दत्ता, राजेश रीनके, निखिल गायकवाड, शंकर इखार, उमेश महाजन, पुष्पराज शेंडे, रमेश विलोनकर, अंकित शेंडे, शृनय लांजेवार, अरुण तैले का समावेश है।

Navbharat Live
navbharatlive.com