नागपुर के स्कूलों में आज छात्रों की छुट्टी, लेकिन शिक्षकों की ड्यूटी, धमकी के साए में पहुंचे टीचर

Nagpur School Bomb Threat Update: नागपुर में 31 अगस्त को बम की धमकी के चलते स्कूलों ने छात्रों को छुट्टी दे दी, लेकिन शिक्षकों को स्कूल आने के निर्देश दिए, जिससे अध्यापकों में दहशत और असंतोष देखा गया।
school bomb threat in nagpur
सेंटर पॉईंट स्कूल(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Teachers Called to School: नागपुर शहर के स्कूलों को मिले बम विस्फोट के धमकी भरे ईमेल का असर सोमवार, 31 अगस्त को साफ देखने को मिला। ईमेल में विशेष रूप से 31 अगस्त की तारीख का उल्लेख होने के कारण जहां कई निजी स्कूलों ने एहतियात के तौर पर छात्रों के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी, वहीं शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से स्कूल में उपस्थित रहने का फरमान जारी किया गया। इस फैसले से शिक्षकों के बीच भारी असमंजस और चिंता का माहौल बना रहा।

सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों का दिया हवाला

स्कूल प्रबंधनों का तर्क था कि भले ही छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन प्रशासनिक कार्यों, ऑनलाइन सत्रों और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शिक्षकों की मौजूदगी जरूरी थी। हालांकि, परिजनों और शिक्षकों का मानना है कि यदि सुरक्षा का वास्तविक खतरा था, तो यह शिक्षकों के लिए भी उतना ही संवेदनशील मामला था। कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे डर के साए में स्कूल पहुंचे।

12 दिन बाद भी 'वीपीएन' के जाल में उलझी पुलिस

धमकी भरे इस ईमेल को भेजने वाले का 12 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। जांच में सामने आया है कि मेल भेजने के लिए 'वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क' (VPN) का इस्तेमाल किया गया था। इस मेल में खालिस्तान मूवमेंट का उल्लेख करने के साथ-साथ राजनीतिक टिप्पणी भी की गई थी। पुलिस का मानना है कि यह महज दहशत फैलाने की नीयत से रची गई एक साजिश है।

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प्रशासन की अपील: न घबराएं अभिभावक

पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के साथ बैठक कर स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने अपील की है कि नागरिक किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक न हों। बच्चों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और हर स्थिति से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।

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