छात्रों के सपनों को साकार कर रहा सारथी, आर्थिक और शैक्षणिक विकास में स्टू़डेंट्स को मिल रहा सहयोग
पुणे में मराठा समुदाय के विकास के लिए स्थापित छत्रपति शाहू महाराज संशोधन प्रशिक्षण और मानव विकास संस्था (सारथी) का निर्माण और प्रशिक्षण कार्य चल रहा है। राज्य में मराठा, कुनबी, कुनबी-मराठा, मराठा-कुनबी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए जून 2018 में 'सारथी' संगठन की स्थापना की गई थी।
- Written By: आकाश मसने
सारथी द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण
नागपुर: पुणे में मराठा समुदाय के विकास के लिए स्थापित छत्रपति शाहू महाराज संशोधन प्रशिक्षण और मानव विकास संस्था (सारथी) का निर्माण और प्रशिक्षण कार्य चल रहा है। राज्य में मराठा, कुनबी, कुनबी-मराठा, मराठा-कुनबी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए जून 2018 में ‘सारथी’ संगठन की स्थापना की गई थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राशि भी उपलब्ध करायी गयी। संगठन राज्य सरकार के योजना विभाग के तत्वावधान में कार्य कर रहा है और कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत स्थापित किया गया था।
एक गैर-लाभकारी कंपनी होने के नाते रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण छात्रों, विद्वानों, उद्यमियों, किसानों और महिलाओं के लिए मार्गदर्शन और परामर्श केंद्र स्थापित करना संगठन एवं विभिन्न छात्रवृत्तियां, फेलोशिप आदि इस संगठन के उद्देश्य हैं। संस्थान का मुख्य कार्यालय पुणे में विधि कॉलेज रोड के पास निर्माणाधीन है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में सारथी केंद्र हैं।
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विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा रहे
महाराष्ट्र ज्ञान महामंडल (एमकेसीएल) के सहयोग से सारथी पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए एक अलग विभाग कार्य कर रहा है।
कौशल विकास कार्यक्रम चल रहे
सुभेदार तानाजी मालुसरे को ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए, सरसेनापती संताजी घोरपडे सारथी को उद्यमिता विकास गतिविधियों के लिए, राजमाता जिजाऊ सारथी को कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए, छत्रपति संभाजी महाराज सारथी को युवा व्यक्तित्व विकास और कंप्यूटर कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए, श्रीमंत मालाजी राजे भासले सारथी को भारतीय जर्मन टूल के लिए कक्ष कौशल विकास कार्यक्रम चल रहा है।
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विशेषताएं, लक्ष्य और योजनाएं
- राज्य में प्रतिवर्ष स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से प्रशिक्षण हेतु विद्यार्थियों का चयन।
- प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार के तीन चरणों के लिए उम्मीदवारों को कोचिंग देना।
- प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश के बाद छात्रों की पुस्तकों और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जाती है।
- प्रशिक्षण के लिए चयनित अभ्यर्थियों को उनकी कक्षा में उपस्थिति और परीक्षा अंकों के आधार पर परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण अवधि के दौरान वजीफा प्रदान करना।
- सटीक खेती और संरक्षित खेती सहित कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना और जागरूकता पैदा करना।
- समय-समय पर ‘किसान मित्र’, कौशल्या विकास दूत, तारा दूत (महिला सशक्तिकरण दूत), संत गाडगे बाबा दूत (स्वच्छता एवं व्यास
- मुक्ति दूत), संविधान दूत, सावित्री दूत आदि जैसे विशेष और पायलट प्रोजेक्ट चलाना।
- लक्षित समूह के मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करने हेतु राजर्षि साहू ओवरसीज फेलोशिप की स्थापना।
