मोहन भागवत का 76वां जन्मदिन, पशु चिकित्सक से RSS प्रमुख बनने तक, जानें कैसा रहा सफर...

Mohan Bhagwat Birthday Special: RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत के जन्मदिन पर जानिए उनके चंद्रपुर से नागपुर तक के शुरुआती जीवन, पशु चिकित्सा की पढ़ाई और 2009 से संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक का पूरा सफर।
RSS Chief Mohan Bhagwat
RSS प्रमुख के मोहन भागवत सोर्स- सोशल मीडिया
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RSS Chief Mohan Bhagwat Biography: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 11 सितंबर 1950 को महाराष्ट्र के चंद्रपुर में हुआ था। आज 11 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं।

उनका बचपन और शुरुआती जीवन नागपुर में बीता। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई की और कुछ समय पशु चिकित्सक के तौर पर कार्य भी किया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पूरा समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों को समर्पित कर दिया।

संघ से जुड़ने के बाद भागवत ने संगठन की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अलग-अलग दायित्व निभाते हुए उन्होंने संगठन के कामकाज और विस्तार को करीब से समझा। इसी लंबे संगठनात्मक अनुभव के आधार पर वे धीरे-धीरे संघ के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।

2009 में संभाली RSS की कमान

मोहन भागवत को वर्ष 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सरसंघचालक चुना गया। उन्होंने के.एस. सुदर्शन के बाद संघ प्रमुख का दायित्व संभाला। इसके बाद से वे लगातार संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका में सक्रिय रहे हैं।

सरसंघचालक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान संघ की गतिविधियों का विस्तार विभिन्न क्षेत्रों में हुआ। भागवत ने संगठनात्मक विषयों के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लगातार अपनी राय रखी है।

उनके सार्वजनिक संबोधनों में सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति जैसे विषय प्रमुखता से सामने आते रहे हैं। संघ प्रमुख के तौर पर वे संगठन के कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संवाद पर भी जोर देते रहे हैं।

RSS Chief Mohan Bhagwat
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सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मुद्दों पर जोर

मोहन भागवत समय-समय पर देश के सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। सामाजिक एकता और समरसता उनके सार्वजनिक वक्तव्यों के प्रमुख विषयों में शामिल रहे हैं। वे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग और संवाद को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताते रहे हैं।

RSS प्रमुख के रूप में उनका जन्मदिन संघ के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस मौके पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं दी जाती हैं और संगठन के भीतर उनके लंबे योगदान तथा सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को याद किया जाता है।

चंद्रपुर से नागपुर और फिर राष्ट्रीय नेतृत्व तक

मोहन भागवत का जीवन महाराष्ट्र के चंद्रपुर और नागपुर से शुरू होकर RSS के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचा। पशु चिकित्सा की पेशेवर शिक्षा के बावजूद उन्होंने आगे चलकर संगठनात्मक जीवन को प्राथमिकता दी। वर्षों तक संघ में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद वर्ष 2009 में उन्हें संगठन का सर्वोच्च दायित्व मिला।

आज उनके जन्मदिन पर संघ से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक उनके सार्वजनिक जीवन, संगठनात्मक योगदान और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका को याद कर रहे हैं।

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