IRCTC घोटाला मामले में राबड़ी देवी ने आरोप तय करने को दी चुनौती, हाई कोर्ट ने CBI को भेजा नोटिस

Delhi High Court on IRCTC Scam: आईआरसीटीसी घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ करप्शन और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे।
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दिल्ली हाई कोर्ट (Image- Social Media)
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Land for Job Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में उन्होंने कथित आईआरसीटीसी घोटाले मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था। इस याचिका में तेजस्वी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में उनके और परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।

कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की सिंगल-जज बेंच ने सीबीआई से जवाब मांगा और तेजस्वी यादव की आपराधिक रिवीजन याचिका के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया था। अपनी याचिका में तेजस्वी यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें आईआरसीटीसी घोटाले के संबंध में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित अपराधों के लिए उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार पाए गए थे।

कोर्ट ने क्या आदेश दिया था?

13 अक्टूबर 2025 को पारित एक आदेश में, राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया था।

किस-किस के खिलाफ आरोप तय?

वहीं, स्पेशल कोर्ट ने 29 मई को लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों, प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता और रेलवे अधिकारियों राकेश सक्सेना और पी.के. गोयल के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

यह कथित घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान तय नियमों का पालन किए बिना दो आईआरसीटीसी होटलों को लीज पर दिया गया था। इनमें से एक होटल सरला गुप्ता को अलॉट किया गया था, जो उस समय आरजेडी प्रमुख के करीबी सहयोगी और राज्यसभा सदस्य प्रेम गुप्ता की पत्नी हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ

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