रक्षाबंधन पर शॉपिंग पड़ी महंगी! 1,668 का बैग खरीदने के चक्कर में लाड़ली बहन के खाते से उड़ गए 1.5 लाख

Mumbai Online Scam: मुंबई में रक्षाबंधन पर ऑनलाइन बैग खरीद रही 29 वर्षीय महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई। जालसाजों ने QR कोड भेजकर उसके खाते से 1.5 लाख रुपये से अधिक उड़ा लिए।
Cyber ​​fraud in online shopping during the Raksha Bandhan festival
रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान ऑनलाइन खरीदारी पर साइबर ठगीप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
Published on
Updated on

Mumbai Online Shopping Cyber Fraud: मुंबई में रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान ऑनलाइन खरीदारी करते समय साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनएम जोशी मार्ग पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाली 29 वर्षीय युवती को महज 1,668 रुपये का बैग ऑनलाइन खरीदना भारी पड़ गया। साइबर जालसाजों ने डिलीवरी और रिफंड के नाम पर उसे इस तरह झांसे में लिया कि उसके बैंक खाते से 1.5 लाख रुपये से अधिक की रकम निकल गई।

'पेमेंट फेल हो गया' कहकर किया फोन

पुलिस के अनुसार, युवती ने ऑनलाइन बैग ऑर्डर किया था। इसके बाद उसे 'उमा ठाकुर' नाम की महिला का फोन आया। फोन करने वाली ने युवती से कहा कि उसके ऑर्डर का भुगतान विफल हो गया है और पेमेंट नहीं होने के कारण बैग की डिलीवरी रोक दी जाएगी।

इसके बाद महिला ने युवती को व्हाट्सऐप पर एक QR कोड भेजा और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे स्कैन करने को कहा।

Cyber ​​fraud in online shopping during the Raksha Bandhan festival
ऑनलाइन ऑर्डर में रेड बुल के साथ घर पहुंचा कॉकरोच, श्वेता तिवारी ने तुकाराम मुंडे से लगाई मदद की गुहार

QR कोड स्कैन करते ही खाते से कटे पैसे

युवती ने जब QR कोड स्कैन किया तो उसके बैंक खाते से रकम कट गई। इसके बाद ठगों ने युवती को भरोसा दिलाया कि गलती से कटे पैसे जल्द ही उसके खाते में वापस कर दिए जाएंगे। रिफंड का झांसा देकर जालसाजों ने उसे बातचीत में उलझाए रखा और एक के बाद एक कई QR कोड भेजे। युवती ने आरोपियों के कहने पर अलग-अलग रकम ट्रांसफर कर दी।

जानकारी के मुताबिक, 46,001 रुपये, 30,000 रुपये और 20,000 रुपये समेत कई लेन-देन के जरिए उसके खाते से रकम निकाली गई। इस तरह कुल नुकसान 1.5 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है।

रिफंड के नाम पर बढ़ता गया ठगी का सिलसिला

साइबर ठगी में आरोपियों ने पहले कम कीमत वाले ऑनलाइन ऑर्डर को आधार बनाया और फिर पेमेंट फेल होने से लेकर रिफंड दिलाने तक की पूरी कहानी बनाकर युवती को अपने जाल में फंसाया।

शुरुआत में खाते से पैसे कटने के बाद भी रिफंड मिलने की उम्मीद में पीड़िता आरोपियों के निर्देशों का पालन करती रही। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस लेन-देन से जुड़े बैंक खातों और आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों व डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटा रही है।

ऑनलाइन शॉपिंग में QR कोड से रहें सावधान

यह घटना ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। रिफंड पाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन करना या उसके कहने पर पैसे ट्रांसफर करना खतरनाक हो सकता है।

किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की स्थिति में संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही ऑर्डर और भुगतान की जानकारी जांचनी चाहिए।

Navbharat Live
navbharatlive.com