विश्व नशा विरोधी दिवस पर नागपुर पुलिस का बड़ा अभियान, 2.19 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ वैज्ञानिक तरीके से नष्ट

World Drug Day: विश्व नशा विरोधी दिवस पर नागपुर पुलिस ने ऑपरेशन थंडर के तहत 120 मामलों में जब्त 484 किलो मादक पदार्थ वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किए व विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक किया।
Nagpur Police's major drive on World Anti-Drug Day: Narcotics worth ₹2.19 crore destroyed scientifically.
नागपुर पुलिस, ऑपरेशन थंडर, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Police, Operation Thunder: विश्व नशा विरोधी दिवस के अवसर पर नागपुर शहर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 'ऑपरेशन थंडर' के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों से जब्त किए गए मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया। शुक्रवार को आयोजित इस विशेष अभियान में 2 करोड़ 19 लाख 11 हजार 653 रुपये मूल्य के करीब 484 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।

यह अभियान शहर में नशे के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाई और जनजागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा था। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

'ऑपरेशन थंडर' के तहत चला जागरूकता अभियान

रवींद्रकुमार सिंगल की संकल्पना के तहत 19 से 26 जून तक नागपुर शहर में नशा विरोधी जनजागरूकता सप्ताह मनाया गया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

इस अभियान के समापन अवसर पर एमआईडीसी बुटीबोरी स्थित महाराष्ट्र एन्वायरो लिमिटेड में ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की उपस्थिति में जब्त मादक पदार्थों का निपटान किया गया। पूरी प्रक्रिया महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संपन्न की गई।

120 मामलों में जब्त ड्रग्स किए गए नष्ट

पुलिस के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 120 अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए थे। इनमें एमडी (मेफेड्रोन), गांजा, चरस और डोडा पाउडर जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थ शामिल थे। इनकी कुल मात्रा लगभग 484 किलोग्राम और अनुमानित कीमत 2.19 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।

छात्रों को दिखाई गई पूरी प्रक्रिया

कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया। उन्हें मादक पदार्थों के वैज्ञानिक निपटान की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई और नशे के दुष्परिणामों, उसके सामाजिक, मानसिक और शारीरिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से न केवल स्वयं नशे से दूर रहने, बल्कि अपने मित्रों और परिवार के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर राजेंद्र दाभाडे, दीपक अग्रवाल, राहुल माकणीकर, महादेव भारसाकड़े, शुभांगी मोहाडे सहित नागपुर पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

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