पीएम नरेंद्र मोदी (सौ. सोशल मीडिया )
PM Narendra Modi On Nagpur Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार सुबह काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी नामक विस्फोटक निर्माण कंपनी में हुए भीषण विस्फोट में 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्ट्री में हुआ धमाका बहुत दुखद है। मरने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
महाराष्ट्रातील नागपूर येथील कारखान्यात झालेला स्फोट अत्यंत दुर्दैवी आहे. मृतांच्या कुटुंबीयांप्रती माझ्या संवेदना व्यक्त करतो. जखमींच्या तब्येतीत लवकर सुधार व्हावा, अशी मी प्रार्थना करतो. स्थानिक प्रशासन प्रभावित नागरिकांना सर्वतोपरी मदत करत आहे. पंतप्रधान राष्ट्रीय मदत निधी… https://t.co/MKDMU9pGxS — PMO India (@PMOIndia) March 1, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंच गए।
राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल(एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात की गई हैं। साथ ही पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (डिश) की टीमें जांच के लिए पहुंच चुकी हैं।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि घायलों को तत्काल नागपुर के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।