गांजा तस्करी, ऑपरेशन थंडर, नागपुर पुलिस, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)  
नागपुर

ओडिशा से नागपुर आ रहा अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त; आउटर रिंग रोड पर नाकाबंदी कर 2 तस्कर गिरफ्तार

Nagpur Ganja Smuggling: ऑपरेशन थंडर के तहत नागपुर पुलिस ने स्टील कॉइल के नीचे छिपाकर ले जाए जा रहे 150.520 किलोग्राम गांजा जब्त किया। कार्रवाई में 1.49 करोड़ रुपये का माल बरामद हुआ।

अंकिता पटेल

Nagpur Operation Thunder: नागपुर जिले के सिटी पुलिस को नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी 'ऑपरेशन थंडर' के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा शाखा (एसएसबी) की टीम ने एक कार्रवाई में स्टील कॉइल के नीचे बेहद चालाकी से छिपाकर ले जाया जा रहा करीब 150.520 किलोग्राम गांजा जब्त किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 1.49 करोड़ रुपये का माल जब्त कर अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों में ट्रक चालक और कंडक्टर अंगोल, ओडिशा निवासी जोगेश धर्मोधर देवुरी (30) और महेंद्र इरदा देवुरी (40) का समावेश है। पुलिस को खबर मिली थी कि ओडिशा से एक ट्रक में बड़े पैमाने पर गांजा की तस्करी की जा रही है। आरोपी बड़ी ही चालाकी से अन्य सामान के साथ गांजा ले जाते हैं। खबर के आधार पर आउटर रिंग रोड पर जोगिंदर सिंह ढाबे के सामने मंगलवार को तड़के 4 बजे से नाकाबंदी शुरू कर दी।

स्टील कॉइल के पीछे छिपाकर ले जाया जा रहा 150 किलो गांजा जब्त

इसी दौरान ओडिशा से नागपुर की ओर आ रहे ट्रक ओडी.34-एच.4489 को रोककर उसकी जांच की गई। ट्रक में स्टील कॉइल लदी होने के कारण पहली नजर में यह सामान्य औद्योगिक मालवाहक वाहन दिखाई दे रहा था लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में रखी भारी स्टील कॉइल के पीछे विशेष रूप से छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।

मौके से 150.520 किलो गांजा, 21.260 टन स्टील कॉइल, 2 मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की। इंस्पेक्टर दर्शन पाटिल, एपीआई शिवाजी ननवरे, हेडकांस्टेबल समाधान गीते, शेषराव राऊत, अश्विन मांगे, कुणाल मसराम, समीर शेख, कुणाल बोडखे, प्रकाश माथनकर, लक्ष्मण चौरे और किशोर ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

2 महीने से चल रही थी निगरानी

जानकारी के अनुसार पिछले 2 महीनों से पुलिस गोपनीय जानकारी के आधार पर इस रैकेट पर निगरानी कर रही थी। पुलिस को पक्की खबर थी कि उपरोक्त ट्रक में ओडिशा से नागपुर के रास्ते गांजा मुंबई जाता है। आरोपी बड़ी ही चालाकी से काम करते थे। नागपुर जिले से 200 किमी दूर ही अपने फोन बंद कर देते थे और 200 किमी बाद दोबारा उनका मोबाइल शुरू होता था। इसी वजह से पुलिस को आरोपियों का लोकेशन नहीं मिल पाता था।

आरोपी पहले भी इसी मार्ग से माल ले जा चुके हैं, इसीलिए इस बार निश्चिंत होकर काम कर रहे थे, हालांकि ट्रक में लदी स्टील की कॉइल गुजरात पहुंचाना था लेकिन जोगेश निर्देशानुसार पहले मुंबई में गांजा की डिलीवरी देता था। उसे वहां पहुंचकर ही डिलीवरी लेने वाले का नंबर दिया जाता था। यह माल कटक के बाबा बेहरा और डकवामुंडा के विष्णु प्रधान ने भेजा था। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम ओडिशा जाएगी।

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