गडकरी-फडणवीस के दौर में भी अटके नागपुर के ये 2 प्रोजेक्ट, एक 27 साल से लटका, तो दूसरा नाला बना आफत

Nitin Gadkari Nagpur Projects: नागपुर में हजारों करोड़ के विकास कार्यों के बीच पुराना भंडारा रोड और जम्बूदीपनगर नाले का काम बरसों से अटका है। अदालती उलझन और प्रशासनिक लापरवाही से जनता बेहद परेशान है।
Devendra Fadnavis Nagpur
दक्षिण नागपुर के जम्बूदीपनगर के नाले का सौंदयींकरणप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स- AI
Published on: 
Updated on: 

Devendra Fadnavis Nagpur: जब से शहर के नितिन गडकरी केंद्रीय मंत्री और देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने हैं तब से नागपुर शहर व जिले में हजारों करोड़ रुपयों के बड़े- बड़े विकास कार्य हुए हैं। सीमेंट की सड़कों और फ्लाईओवर का तो जाल सा बिछा दिया गया है।

दोनों नेताओं ने अपनी सिटी को शानदार बनाने का प्रयास जारी रखा हुआ है। अनेक विकास कार्य जारी हैं तो कई पाइपलाइन में हैं। लेकिन 2 छोटे-छोटे प्रोजेक्ट विविध कारणों व अदं‌गों की वजह से इनके भी गले की फांस बन गए हैं।

दक्षिण नागपुर के जम्बूदीपनगर के नाले का सौंदयींकरण

इनमें एक है मेयो हॉस्पिटल चौक से सुनील होटल चौक तक का मात्र 3 किमी लंबा पुराना भंडारा रोड और दूसरा दक्षिण नागपुर के जम्बूदीपनगर के नाले का सौंदयींकरण। ऐसा भी नहीं है कि इनके लिए निधि की कोई कमी है।

पुराना भंडारा रोड का कार्य कुछ प्रभावितों ने अदालत जाकर लटका दिया है तो जम्बूदीपनगर नाले के कुछ हिस्सों में स्लैब डालने का कार्य किसी तकनीकी कारण से अटका बताया जा रहा है। पुराना भंडारा रोड का कार्य तो करीब 27 वर्षों से लटका हुआ है। मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दड़वे ने इस रोड के निर्माण को जल्द करवाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

1 वर्ष पूर्व भंडारा रोड के सीमेंटीकरण व चौड़ाईकरण

वर्ष 2017 में हाई कोर्ट ने इस रोड को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था और इसे भी 9 वर्ष हो गए हैं। करीब 1 वर्ष पूर्व इस रोड के सीमेंटीकरण व चौड़ाईकरण का कार्य शुरू हुआ लेकिन कुछ प्रभावितों ने मुआवजा को लेकर कोर्ट की शरण ली है। अब जब तक इसका निपटारा नहीं होता, काम अटका रहेगा।

मांग यह उठ रही है कि जिन प्रॉपर्टी धारकों ने मुआवजा ले लिया है उनकी प्रॉपर्टी के बाधित हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई कर सड़क चौड़ाईकरण किया जाए लेकिन अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

दड़वे ने कहा कि प्रभावितों का अदालत जाना उनका अधिकार है लेकिन मामले को जनहित में जल्द से जल्द निपटाना भी दूसरे पक्ष को जरूरी है। यह दूसरा पक्ष मनपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में मनपा के वकील सुनवाई के दौरान पहुंचते ही नहीं और पहुंचते हैं तो कोई न कोई कारण बताकर कोर्ट से सुनवाई की तारीख आगे की मांग लेते हैं।

अब यह रोड 'तारीख' पर ही लटक गया है। उन्होंने बताया कि अब 30 सितंबर को यानी आज सुनवाई की तारीख है। कम से कम मनपा को अपने वकील के माध्यम से अपना पक्ष वजनदार तरीके से रखना चाहिए, ताकि अदालत फैसला दे सके, न कि टाइमपास का खेल करते हुए प्रोजेक्ट को लंबा लटकाएं।

Devendra Fadnavis Nagpur
रोज आती हैं 70 बारातें, नागपुर में MP की बसों का खेला, RTO और पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने नाले का निरीक्षण किया

दक्षिण नागपुर का जम्बूदीपनगर का लाना बारिश के समय नागरिकों के लिए परेशानी का सबंध बनता है। कुछ हिस्सों में नाला ओवरफ्लो होता है और सैकड़ों लोगों के घरी में पानी घुसता है। जुलाई 2024 की बारिश में इस नाले ने कहर बरपाया था।

तब तत्कालीन मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी और क्षेत्र के विधायक मोहन मते ने नाले का निरीक्षण किया था। आयुक्त ने नाले की सफाई गहराई बढ़ाने आदि के निर्देश दिए थे। उसके पूर्व तात्कालीन विधायक सुधाकर कोहले के कार्यकाल में इस नाले के गहरीकरण व ऊपर स्लैब हालने के लिए 13 करोड़ रूपये मंजूर हुए थे।

महालक्ष्मीनगर-2 के हिस्से में नाले की दिशा बदलने और स्लैब डालने का कार्य ही हो पाया था। उसके बाद अयोध्यानगर से जम्बूदीपनगर की दिशा में अंबिकानगर लाडीकर लेआउट के कुछ हिस्सों में नाले के गहरीकरण व स्लैच डालने का कार्य किया गया।

जहां अड़चन नहीं, वहां हो काम

नागरिक स्लैब डालने की मांग कर थक चुके हैं लेकिन किसी के कानों में जू नहीं रेंग रही है। जानकारी के अनुसार, रिंग रोड के समीप यह नाला एक निजी प्लॉट से गुजर रहा है और उसका मालिक अपनी जमीन नहीं दे रहा।

जबरदस्ती करने पर अदालत जा सकता है। नागरिकों का कहना है उपरोक्त जिन हिस्सों में स्लैब नहीं डाला गया वहां कोई तकनीकी अड्चन नहीं है, फिर कार्य क्यों नहीं किया जा रहा है। क्षेत्र के नगरसेवकों और विधायक को अनेक बार निवेदन दिया जा चुका है। नागरिक गर्मी के दिनों में इस नाले से उठती दुर्गेच व कीट-मच्छरों, सांप आदि से भी परेशान हो रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com