सरकारी जमीन, निजी डेवलपर! नागपुर महादुला में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनेंगे घर और दुकानें

Nagpur PM Awas Yojana 2.0: NMRDA महादुला में पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 1197 किफायती घर और 80 दुकानें विकसित करेगा। परियोजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र परिवारों को मिलेगा।
Government Land, Private Developer! Homes and Shops to be Built in Nagpur's Mahadula Under the Pradhan Mantri Awas Yojana.
पीएम आवास योजना, एनएमआरडीए, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Housing Project News: नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (2.0) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के लोगों के लिए अपनी पहली पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल आधारित आवास परियोजना का खाका तैयार किया है।

यह परियोजना महादुला में एनएमआरडीए की 12.87 एकड़ भूमि पर साकार होगी लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस परियोजना के डीपीआर में महाजेनको के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर विशेष फोकस किया गया है। महाजेनको द्वारा उपलब्ध कराई गई 4,292 संभावित लाभार्थियों की सूची को परियोजना की मांग का एक प्रमुख आधार माना गया है।

एनएमआरडीए की पहली पीएम आवास योजना में पीपीपी मॉडल

मतलब एनएमआरडीए की इस पहली पीएम आवास योजना में 'महाजेनको फैक्टर' साफ दिख रहा है। डीपीआर में यह स्पष्ट है कि ईडब्ल्यूएस की पात्रता के तहत ही आवास दिए जाएंगे। आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के तहत आने वाले लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। संभवतः महाजेनको ने भी इसे ही ध्यान में रखते हुए एनएमआरडीए को कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराई है।

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवास क्षेत्र में पहली बार पीपीपी मॉडल अपनाते हुए एनएमआरडीए ने महादुला में प्रधानमंत्री आवास योजना (2.0) अंतर्गत 1197 आवासों और 80 दुकानों की परियोजना के लिए प्रक्रिया आरंभ की है। करीब 263.36 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना को 'अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप' (एएचपी) मॉडल पर विकसित किया जाना है जिसमें सरकारी जमीन पर निजी डेवलपर द्वारा निर्माण कार्य किया जाएगा।

कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों पर ध्यान

एनएमआरडीए द्वारा इस आवास परियोजना को लेकर की जा रही दस्तावेजी प्रक्रियाओं में स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रोजेक्ट तैयार करते समय कोराडी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े श्रमिक और खासतौर पर महाजेनको के संविदा कर्मचारी परिवारों की आवासीय जरूरतों पर खास ध्यान दिया गया है। यह परियोजना जरूरतमंद पात्र परिवारों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरेगी।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com