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50 लाख के अनुदान का मामला कोरोना काल में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों के लिए सरकार की ओर से सानुग्रह अनुदान का प्रावधान था।
लकड़गंज जोन क्रमांक-8 में कार्यरत कर संग्राहक अमित ठोंबरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
प्रमाणपत्र में कथित हेरफेर शिकायत के अनुसार, दस्तावेज में तारीख और कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी से संबंधित शब्द लिखे गए थे।
Nagpur Lakadganj Police Station: नागपुर में कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पिता के नाम पर सरकार से 50 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त करने के लिए महानगरपालिका के मूल दस्तावेजों में कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में लकड़गंज पुलिस ने मनपा के टैक्स कलेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपी हरिहरनगर, गरोबा मैदान निवासी अमित लक्ष्मण ठोंबरे (31) बताया गया। पुलिस ने मनपा के लकड़गंज जोन क्रमांक 8 में कर अधीक्षक जिवराज प्रभाकर काले (53) को शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, अमित पिछले 4 वर्षों से मनपा के लकड़गंज जोन क्रमांक-8 में कर संग्राहक के रूप में कार्यरत है। उसके पिता लक्ष्मण महादेव ठोंबरे इसी जोन में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
अमित ने उन्हीं स्थानों पर अपने हाथ से 22 मार्च 2020 की तारीख और 'प्योन कंटेनमेंट जोन' लिख दिया, साथ ही 'कटेनमेंट जोन' शब्दों पर मुहर का निशान भी लगा दिया।
मूल दस्तावेज में कथित छेड़छाड़ कर शासन से आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया। इस मामले में मनपा की और से उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई है।
वहीं नागपुर मनपा मुख्यालय में विभागीय जांच भी शुरू हुई। इस बीच काले ने पुलिस से प्रकरण की शिकायत की। पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।
कोरोना काल में कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी करते समय जान गंवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों को सरकार द्वारा 50 लाख रुपये का सानुग्रह अनुदान देने का प्रावधान था।
लेकिन उम्र ज्यादा होने के कारण लक्ष्मण ठोंबरे को प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्यूटी नहीं दी गई। वे अकाउंट विभाग में काम कर रहे थे।
मुआवजा पाने के लिए संबंधित कर्मचारी के वारिस को आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना था। यह अनुदान प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत प्रमाणपत्र पर तत्कालीन सहायक आयुक्त विजय कुलकर्णी ने कुछ स्थानों पर रेखाएं खींचकर हस्ताक्षर किए थे।